Monday, 17 January, 2022
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‘तानाशाहों की पार्टी’- भाजपा के शासन में उत्तर प्रदेश के लोग डर के साये में हैं: भूपेश बघेल

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने कहा कि तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने का केंद्र सरकार का फैसला एक ‘राजनीतिक कदम’ है और किसानों का नरेंद्र मोदी सरकार पर से भरोसा खत्म हो गया है.

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नई दिल्ली: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बुधवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के शासन में उत्तर प्रदेश के लोग डर के साये में जी रहे हैं क्योंकि यह तानाशाहों की पार्टी है जहां असहमति की आवाज दबा दी जाती है.

उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए कांग्रेस के वरिष्ठ पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए बघेल ने दावा किया कि भाजपा ने कोई भी चुनावी वादा पूरा नहीं किया है, इसके बजाय वह मजहबी टिप्पणियों के माध्यम से लोगों का ध्यान बंटाने की कोशिश कर रही है.

उन्होंने एक साक्षात्कार में कहा, ‘कांग्रेस एकमात्र पार्टी है जो उत्तर प्रदेश में भाजपा शासन के खिलाफ लड़ रही है. ऐसा लग रहा है कि दो अन्य विपक्षी दल… समाजवादी पार्टी और बहुजन समाजवादी पार्टी ने भाजपा के पक्ष में समझौता कर लिया है.’

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के नतीजे पिछले चुनावों से बिल्कुल अलग होंगे और कई चुनावी विश्लेषकों को हैरत में डाल सकते हैं. उन्होंने कहा, ‘यह तथ्य है कि उत्तर प्रदेश में लोग भाजपा के शासन में डर के साये में जी रहे हैं. अगर एक पंक्ति में मैं अपने विचार व्यक्त करूं तो उत्तर प्रदेश में तानाशाहों की पार्टी शासन कर रही है जहां असहमति व्यक्त करने वालों को दंडित किया जाता है.’

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने कहा कि तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने का केंद्र सरकार का फैसला एक ‘राजनीतिक कदम’ है और किसानों का नरेंद्र मोदी सरकार पर से भरोसा खत्म हो गया है.

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उन्होंने कहा, ‘यह पूरी तरह साफ है कि नरेंद्र मोदी सरकार पर से किसानों का भरोसा खत्म हो गया है. अब वे भाजपा पर बिल्कुल भरोसा नहीं करते. राजनीतिक नुकसान स्थायी है. कृषि कानूनों को वापस लेने का फैसला भाजपा को किसान हितैषी पार्टी नहीं बना सकता.’


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