Monday, 4 July, 2022
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बिहार विधानसभा में एनआरसी के खिलाफ प्रस्ताव पारित, एनपीआर पर केंद्र को लिखा पत्र

लोगों से एनपीआर के तहत राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर 2010 में अंकित श्रेणियों से संबंधित सूचनाएं ही प्राप्त करने को कहा.

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नई दिल्ली: बिहार सरकार राज्य में एनआरसी नहीं लागू करेगी. मंगलवार को विधानसभा में इसके खिलाफ प्रस्ताव प्रस्ताव पारित किया गया है.

नीतीश कुमार की सरकार ने एनपीआर को भी राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर 2010 की गाइडलाइन के हिसाब से लागू करने के लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखा है.

बिहार विधानसभा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बताया कि राज्य सरकार ने केंद्र को लिखा है कि एनपीआर के तहत राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर 2010 में अंकित श्रेणियों से संबंधित सूचनाएं ही प्राप्त की जाएं जिससे लोगों को कठिनाई नहीं हो.

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वहीं प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने ट्वीट कर एनआरसी के खिलाफ विधानसभा में प्रस्ताव का श्रेय ले लिया है. उन्होंने कहा कि एनआरसी और एनपीआर पर बीजेपी को 1000 किमी. तक हिला दिया है. बीजेपी वाले माथा पकड़कर टुकुर-टुकुर देखते रह गए. हम संविधान ना मानने वाले सीएए भी लागू नहीं होने देंगे.

विधानसभा में सीएए-एनपीआर-एनआरसी को लेकर हंगामा, कार्यवाही बाधित

बिहार विधानसभा में संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) को प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव द्वारा ‘काला कानून’ बताए जाने पर सत्ता पक्ष और विपक्षी सदस्यों के बीच तीखी नोकझोंक और हंगामा हुआ जिसकी वजह से सदन की कार्यवाही 15 मिनट के लिए स्थगित कर दी गई.

बिहार विधानसभा की मंगलवार को कार्यवाही शुरू होने पर प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी ने एनपीआर को लेकर विपक्षी दलों राजद, कांग्रेस और भाकपा माले द्वारा लाए गए कार्यस्थगन प्रस्ताव पर सबसे पहले चर्चा कराए जाने तथा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से इसको लेकर स्थिति स्पष्ट किए जाने की मांग की.

तेजस्वी ने सीएए को ‘काला कानून, संविधान विरोधी और देश को तोड़ने वाला’ करार दिया. इस पर भाजपा के मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि तेजस्वी संविधान का अपमान कर रहे हैं. उन्होंने तेजस्वी से अपने कथन को वापस लिए जाने की मांग करते हुए कुछ कहा जिस पर विपक्षी सदस्यों ने आपत्ति जताई.

विपक्षी और सत्तापक्ष के सदस्यों के बीच नोंक-झोंक शुरू हो गयी.

भाजपा के मंत्री नंदकिशोर यादव और विजय कुमार सिन्हा ने यह कहते हुए विपक्ष पर कटाक्ष किया कि ‘क्या संसद एक काला कानून पारित करती है?’

विपक्षी और सत्तापक्ष के सदस्यों के हंगामे और नोंक-झोंक के चलते अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही 15 मिनट के लिए स्थगित कर दी.

(न्यूज एजेंसी भाषा के इनपुट्स के साथ)

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