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संसद की प्रतीकात्मक तस्वीर | पीटीआई
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नई दिल्ली: केंद्रीय रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में राफेल विमान खरीद मामले पर बहस करते हुए कांग्रेस पार्टी के आरोपों का जवाब दिया. निर्मला सीतारमण ने कांग्रेस के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि ‘चार सालों से कोई घोटाला नहीं हुआ है, कांग्रेस इसलिए बेचैन है.’ उन्होंने कहा, रक्षा मंत्रालय बिना दलालों के चल रहा है. बोफोर्स स्पष्ट तौर पर घोटाला था, लेकिन राफेल खरीद में घोटाला नहीं हुआ है.

कांग्रेस ने शुक्रवार को संसद में और संसद से बाहर प्रधानमंत्री मोदी पर सीधा आरोप लगाया कि राफेल विमान खरीद में उनके हस्तक्षेप से भ्रष्टाचार हुआ है. राहुल गांधी ने शुक्रवार सुबह आरोप लगाया कि डसॉल्ट कंपनी के आंतरिक ईमेल से पता चला है कि भारत सरकार ने उन्हें आदेश दिया था कि राफेल सौदे में आफसेट कॉन्ट्रैक्ट सिर्फ अनिल अंबानी को दिया जाए. पीएम मोदी ने अनिल अंबानी को 30,000 करोड़ रुपये दिए.

मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा, ‘यूपीए ने आठ साल सिर्फ सौदेबाजी में बर्बाद किए और सेना को विमान नहीं दे सकी.’ गौरतलब है कि कांग्रेस ने राफेल विमान सौदे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भ्रष्टाचार और घोटाले का आरोप लगाया है. विपक्ष इस रक्षा खरीद की संसदीय जांच की मांग कर रहा है. जबकि सरकार जांच कराने से इनकार कर रही है.

सीधा प्रधानमंत्री पर आरोप

कांग्रेस ने आज ताजा आरोप लगाते हुए कहा है कि ‘नए खुलासों ने राफेल सौदे के भ्रष्टाचार को जगजाहिर कर दिया. झूठ एवं जालसाजी का आरोप सीधे प्रधानमंत्री, नरेंद्र मोदी पर जाता है, जिन्होंने राफेल सौदे में ‘नेगोसिएशंस टीम’ द्वारा उठाई गई एवं दर्ज की गई सभी आपत्तियों को खारिज कर दिया.’

कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट करके आरोप लगाया, ‘रक्षा मंत्रालय के ‘बेंचमार्क मूल्य’ बढ़ाने पर आपत्ति दर्ज करने के बावजूद, प्रधानमंत्री मोदी जी की अध्यक्षता वाली सीसीएस ने 5.2 बिलियन यूरो (39,422 करोड़ रु.) की जगह 8.2 बिलियन यूरो (62,166 करोड़ रु.) का काफी अधिक ‘बेंचमार्क मूल्य’ स्वीकार क्यों कर लिया?’

उन्होंने पूछा, ‘प्रधानमंत्री मोदी ने 126 एमएमआरसीए राफेल लड़ाकू जहाजों की संख्या घटाकर 36 राफेल जहाज करने के बाद हुए इस सौदे में ‘मेंटेनेंस के नियम व शर्तों’ को नजरंदाज कर दिया. ऐसा क्यों?’

राफेल मामले पर बहस करते हुए संसद में कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने आरोप लगाया, ‘सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में गलत हलफनामा दिया. केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट और जनता को गुमराह किया. यही वजह है कि हम संसदीय जांच की मांग कर रहे हैं.

अगस्ता वेस्टलैंड से सौदा क्यों हुआ था

रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में कांग्रेस पार्टी के आरोपों का जवाब दिया. उन्होंने पूछा कि अगर कांग्रेस को राफेल मामले में एचएएल की इतनी चिंता है तो अगस्ता वेस्टलैंड से सौदा क्यों हुआ था. कांग्रेस के आरोपों का सिलसिलेवार जवाब देते हुए कहा कि 2006 से लगातार सौदे पर गतिरोध जारी रहा और 2014 तक मंजूरी मिलने के बाद भी सौदे क्यों नहीं हुआ?

उन्होंने कांग्रेस पर घड़ियाली आंसू बहाने का आरोप लगाया. कांग्रेस के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि यूपीए के समय सिर्फ 18 विमानों की बात थी, लेकिन हमारे समय में 36 विमान तैयार अवस्था में मिलेंगे.

उन्होंने कहा, विपक्ष के वरिष्ठ नेता मेरा जवाब सुनना नहीं चाहते. यह बहुत दुखद है. देश को यह जानने की जरूरत है कि रक्षा खरीद राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है और बहुत जरूरी है, चाहे वे सत्ता में रहें या हम रहें.

उन्होंने अगस्ता वेस्टलैंड का भी मसला उठाते हुए कांग्रेस पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया और पूछा कि कांग्रेस देश को गुमराह कर रही है. उन्होंने यूपीए के समय राफेल डील के लंबे समय तक टलते रहने पर सवाल उठाए.

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने संसद में झूठ बोला. कांग्रेस जो भी कह रही है, वह झूठ पर आधारित है. वे देश के सामने झूठ परोस कर जनता को गुमराह कर रहे हैं.

निर्मला सीतारमण ने आरोप लगाया कि राफेल मामले में पूरा प्रचार झूठ पर आधारित है, और अब ज​ब मैं जवाब दे रही हूं तो वे सच और तथ्य नहीं सुनना चाहते.

रक्षा मंत्री ने संसद को बताया, पहला राफेल एयरक्राफ्ट सितंबर, 2019 में आएगा और 2022 में 36 एयरक्राफ्ट आएंगे. सौदे पर बातचीत की प्रक्रिया 14 महीने में समाप्त हो चुकी है.

उन्होंने तंज करते हुए कहा, रक्षा सौदे और रक्षा करने के लिए सौदे में अंतर होता है. हम रक्षा सौदा नहीं करते. हमने राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सौदा किया है.

उन्होंने कहा, यूपीए के दौरान हो रहे सौदे से तुलना करें तो हमने देश के लिए बेहतर सौदा किया है. उन्होंने विमानों की संख्या और उसके दामों को लेकर कांग्रेस पर गुमराह करने का आरोप लगाया.

 


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