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Saturday, 13 July, 2024
होमराजनीति'पार्टी छोड़ने वालों की चिंता न करें, लोगों के मुद्दे उठाएं', शरद पवार ने साधा अजित पवार पर निशाना

‘पार्टी छोड़ने वालों की चिंता न करें, लोगों के मुद्दे उठाएं’, शरद पवार ने साधा अजित पवार पर निशाना

अजित पवार के बारामती और शिरूर से चुनाव लड़ने की घोषणा के बारे में पूछे जाने पर एनसीपी प्रमुख ने कहा कि अगर वे संविधान के रास्ते पर चलते हैं तो किसी भी सीट से चुनाव लड़ सकते हैं.

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पुणे (महाराष्ट्र) : राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रमुख शरद पवार ने शनिवार को महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार पर निशाना साधा और कहा कि इस बात की चिंता करने के बजाय कि पार्टी किसने छोड़ी, जनता के मुद्दों को उठाएं और उनका समाधान कराएं.

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए शरद पवार ने अजित पवार का नाम लिए बिना कहा, ”हमें पार्टी छोड़ने वालों के बारे में चिंतित होने की ज़रूरत नहीं है. हमें इसके बारे में चिंता करने के बजाय नागरिकों के मुद्दों को उठाना चाहिए और उन्हें हल करना चाहिए.”

उन्होंने कहा, “अगर हम अपने युवा नेताओं को मजबूत कर सकें, तो आने वाले चुनाव में आप देखेंगे बड़ी सफलता मिलेगी. इसलिए, हमें काम करना शुरू करना चाहिए और अपनी विचारधारा के साथ लोगों तक पहुंचने की कोशिश करनी चाहिए. इसलिए मुझे यकीन है कि अगर हम ऐसा कर पाए, तो हम युवा नेताओं को उभरते देखेंगे.”

अजित पवार के बारामती और शिरूर निर्वाचन क्षेत्रों से चुनाव लड़ने की घोषणा के बारे में पूछे जाने पर एनसीपी प्रमुख ने कहा कि अगर वे संविधान के रास्ते पर चलते हैं तो किसी भी सीट से चुनाव लड़ सकते हैं.

उन्होंने कहा, “अगर वे संविधान के रास्ते पर चलते हैं, तो उन्हें किसी भी सीट पर चुनाव लड़ने का अधिकार है. वे अपने रुख के साथ लोगों के पास जा सकते हैं. फैसला लोगों को करना है.”

महाराष्ट्र में अगले साल चुनाव होने हैं. एकनाथ शिंदे के विद्रोह करने और शिवसेना के विधायकों के साथ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से हाथ मिलाने के बाद राज्य में सत्ता में आई शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस की महाविकास अघाड़ी टूट गई थी. इससे राज्य में शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट)-भाजपा की सरकार बनी.

एक साल बाद, एनसीपी नेता अजित पवार ने अपनी पार्टी प्रमुख के खिलाफ विद्रोह कर दिया और अपनी पार्टी के कुछ सहयोगियों के साथ भाजपा से हाथ मिला लिया.

राज्य अब महायुति गठबंधन द्वारा चलाया जा रहा है, जिसमें मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली भाजपा, शिवसेना और एनसीपी का अजीत पवार गुट शामिल है.


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