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Thursday, 30 May, 2024
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राज्यसभा में छाया रहा नाटु-नाटु, IUML ने कहा- सांसद करें डांस तो धनखड़ ने दिया स्क्रीनिंग का सुझाव

सत्ता पक्ष और विपक्ष द्वारा प्रशंसा के बाद, राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर को भी सुझाव दिया कि सरकार सांसदों के लिए दोनों की स्क्रीनिंग करे और राज्यसभा में विपक्ष के नेता को विशेष आमंत्रण दें.

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नई दिल्ली: 95 वें अकादमी पुरस्कारों में भारतीय कला को सम्मान मिलना लंबी चर्चा का विषय बन गई क्योंकि राज्यसभा में मंगलवार को बुलाई गई बैठक में सत्ता पक्ष और विपक्षी दलों ने ऑस्कर पाने वाले तेलुगु ब्लॉकबस्टर आरआरआर के गाने ‘नाटु-नाटु’ और डॉक्यूमेंट्री द एलीफेंट व्हिस्परर्स की तारीफ की.

सत्ता पक्ष और विपक्ष द्वारा प्रशंसा के बाद, राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर को भी सुझाव दिया कि सरकार सांसदों के लिए दोनों की स्क्रीनिंग करे और राज्यसभा में विपक्ष के नेता को विशेष आमंत्रण दें.

सदन में चर्चा रोजाना की कार्यवाही से थोड़ा अलग दिखी क्योंकि सदन में सत्ता पक्ष द्वारा कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के माफी मांगने और विपक्ष द्वारा अडाणी ग्रुप के ऊपर लगाए गए आरोपों की जेपीसी जांच करवाने को लेकर लगातार गतिरोध देखने को मिलता है. सदन को बजट सेशन के लिए फिर से बुलाया गया है.

मंगलवार को उच्च सदन बुलाए जाने के कुछ ही समय बाद, धनखड़ ने सांसदों को आरआरआर के गाने ‘नाटु-नाटु’ और द एलीफेंट व्हिस्परर्स की सराहना करने का समय दिया. उन्होंने कहा कि 95वें अकादमी पुरस्कारों में जीत भारतीय कलाकारों की प्रतिभा, रचनात्मकता और समर्पण की सराहना का प्रतिबिंब है, उन्होंने कहा कि यह भारत के वैश्विक उत्थान और मान्यता का प्रमाण है.

केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने पिछली शाम एक फेसबुक पोस्ट में कहा था कि ‘नाटु-नाटु’ के लिए अकादमी पुरस्कार पिछले साल आरआरआर के पटकथा लेखक को राज्यसभा में नामित करने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फैसले का समर्थन है, जबकि सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने उच्च सदन में बोलते हुए इसे वैश्विक मंच पर भारत के पहुंचने के रूप में सराहा.

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बहरहाल, विपक्षी नेताओं ने ऑस्कर जीत को मोदी की जीत बताने के खिलाफ भाजपा को आगाह किया.

कांग्रेस अध्यक्ष और उच्च सदन में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि पीएम के लिए गोयल की प्रशंसा से यह आभास होता है कि यह मोदी ही थे जिन्होंने आरआरआर का निर्देशन और लेखन किया था और ‘नाटु-नाटु’ के ऑस्कर जीतने के लिए पीएम मोदी ही जिम्मेदार हैं.


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‘कंटेंट हब बन सकता है भारत’

पीयूष गोयल ने मंगलवार को राज्यसभा में द एलिफेंट व्हिस्परर्स का जिक्र करते हुए कहा कि यह भारत के लिए गर्व की बात है कि दो प्रतिष्ठित भारतीय महिलाओं द्वारा निर्देशित एक डॉक्युमेंट्री ने ऑस्कर जीता.

पिछली शाम, गोयल ने एक फेसबुक पोस्ट में लिखा था कि पीएम मोदी ने “भारतीय संस्कृति, सामाजिक कार्य और खेल जैसे विविध क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाने वाली उत्कृष्ट हस्तियों को चुनकर सदस्यों को राज्यसभा में नोमिनेट करके गुणवत्ता की अपनी छाप छोड़ी है.”

वह पिछले साल आरआरआर के स्क्रिप्ट राइटर विजयेंद्र प्रसाद के राज्यसभा के लिए नोमिनेशन का जिक्र कर रहे थे.

गोयल ने लिखा,”पिछले साल, प्रधानमंत्री मोदी जी ने उनकी महानता को पहचाना और कहा कि ‘उनके कार्यों ने भारत की गौरवशाली संस्कृति को प्रदर्शित किया है और विश्व स्तर पर एक छाप छोड़ी है’. आज, ओरिजिनल सॉन्ग ‘नाटु-नाटु’ के ऑस्कर जीतने पर दुनिया की नजर इस पर है. यह प्रधानमंत्री की पसंद का वैश्विक समर्थन है.”

गोयल ने संगीतकार इलैयाराजा, एथलीट पी.टी. उषा, फिलैंथ्रॉपिस्ट वीरेंद्र हेगड़े और क्लासिकल डांसर डॉ सोनल मानसिंह के भी बारे में जिक्र किया.

अनुराग ठाकुर ने राज्यसभा में कहा कि ‘नाटु-नाटु’ और द एलिफेंट व्हिस्परर्स को ऑस्कर दिया जाना इस बात का सबूत है कि “ब्रांड इंडिया आ गया है.”

उन्होंने कहा, “यह तो एक शुरूआत है. भारत में दुनिया का कंटेंट हब बनने की क्षमता है. पीएम मोदी ने कहा कि लोकल सोचो और ग्लोबल बनो. ‘नाटु-नाटु’ तेलुगु में लिखा गया था लेकिन अब पूरी दुनिया इस पर नाच रही है. यह बहुत गर्व की बात है कि पटकथा लेखक इस सदन के मनोनीत सदस्य हैं.

तेलुगु गौरव, सेंसरशिप और बहिष्कार

विपक्षी नेताओं ने ऑस्कर में भारतीय प्रतिनिधित्व की प्रशंसा करते हुए, भारतीय फिल्म उद्योग के सामने आने वाली चुनौतियों के बारे में बात की, यहां तक कि कुछ लोगों ने अपनी बात रखने के लिए इस साल की शुरुआत में रिलीज हुई शाहरुख खान-स्टारर पठान के बहिष्कार किए जाने की मांग का भी हवाला दिया.

उच्च सदन में बोलते हुए, खड़गे ने कहा कि “सत्तारूढ़ दल को इस तरह श्रेय नहीं लेना चाहिए जैसे कि मोदी ने आरआरआर को लिखा और निर्देशित किया है”. दो ऑस्कर विजेताओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “दोनों (फिल्में) दक्षिण भारत से आती हैं और हमें इस पर गर्व है.”

इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के अब्दुल वहाब ने सुझाव दिया कि सभी सांसदों को पुरस्कारों को सेलिब्रेट करने के लिए राष्ट्रपति भवन में “नाटु-नाटु पर डांस” करना चाहिए. इस बीच, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के सांसदों ने ‘नाटु-नाटु’ के लिए ऑस्कर जीत को “तेलुगु गौरव” के लिए एक बड़ी जीत बताया.

शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि ऑस्कर में भारत का प्रदर्शन “बॉयकाट कल्चर” को खत्म कर देगा.

उन्होंने कहा, “जैसा कि मैंने दीपिका पादुकोण का जिक्र किया है, मुझे हमारे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बॉयकॉट कल्चर की याद आ रही है. मुझे उम्मीद है कि इस साल का ऑस्कर हमें इससे छुटकारा दिलाने में मदद करेगा.”

चतुर्वेदी की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए, धनखड़ ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि वह जिस एकमात्र कल्चर को जानते हैं, वह “एग्रीकल्चर” है.

जैसे-जैसे कार्यवाही आगे बढ़ी, CPI(M) के जॉन ब्रिट्स ने सेंसरशिप के मुद्दे पर चर्चा की मांग की, लेकिन उनके अनुरोध को अध्यक्ष ने यह कहते हुए ठुकरा दिया कि यह चर्चा के लिए उचित समय नहीं है. राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सांसद मनोज झा ने भी कहा, भारत को “सेंसरशिप को समाप्त करना चाहिए और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को और अधिक बढ़ावा देना चाहिए.”

अभिनेत्री और समाजवादी पार्टी की सांसद जया बच्चन ने कहा, “यह अच्छा है कि सदन सिनेमा पर बहस कर रहा है. सत्यजीत रे के दिनों से, भारतीय फिल्मों को दुनिया भर में मान्यता मिली है, लेकिन यह जीत दिखाती है कि अमेरिकी भारतीय सिनेमा की क्षमता को पहचान रहे हैं.”

द एलिफेंट व्हिस्परर्स का जिक्र करते हुए डीएमके सांसदों ने तमिलनाडु के सीएम एम.के. स्टालिन द्वारा राज्य में हाथियों के लिए एक सुरक्षित गलियारा बनाए जाने का भी जिक्र किया.

(संपादनः शिव पाण्डेय)
(इस खबर को अंग्रेजी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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