Saturday, 21 May, 2022
होमराजनीति'राजनीति के उस पार', किताब के विमोचन पर बोले मुलायम- महंगाई, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी पर एकजुट हो विपक्ष

‘राजनीति के उस पार’, किताब के विमोचन पर बोले मुलायम- महंगाई, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी पर एकजुट हो विपक्ष

मुलायम सिंह यादव मंगलवार को यहां इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में सपा महासचिव प्रोफेसर रामगोपाल यादव के 75 वर्ष की आयु पूरी करने पर आयोजित 'राजनीति के उस पार' पुस्‍तक के लोकार्पण समारोह में बोल रहे थे.

Text Size:

लखनऊ: समाजवादी पार्टी के संस्थापक, पूर्व रक्षामंत्री एवं उत्‍तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने सभी दलों से आह्वान किया है कि वे भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और महंगाई के सवाल पर सभी एकजुट होकर आगे आएं.

मुलायम सिंह यादव मंगलवार को यहां इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में सपा महासचिव प्रोफेसर रामगोपाल यादव के 75 वर्ष की आयु पूरी करने के अवसर पर आयोजित अमृत महोत्सव में प्रोफेसर देवी प्रसाद द्विवेदी, प्रोफेसर पुष्पेश पंत और डॉक्टर वेद प्रताप वैदिक के संपादन में प्रकाशित ‘राजनीति के उस पार’ पुस्‍तक के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे.

हिंदी के मशहूर कवि कुमार विश्वास ने बतौर मुख्य अतिथि ‘राजनीति के उस पार’ पुस्‍तक का लोकार्पण किया. इस मौके पर विश्‍वास ने कहा कि ‘राजनीति युग धर्म है और उसकी नब्ज पर अंगुलियां रखना हर व्‍यक्ति का धर्म है चाहे वह कोई भी हो.’

उन्होंने कार्यक्रम में भाजपा को छोड़कर सभी दलों के नेताओं की उपस्थिति की चर्चा करते हुए कहा, ‘मैंने यहां मंच पर बैठे लोगों और आने वालों की सूची देखी तो मुझे इसमें एक कमी दिखी. मैंने कहा कि उप्र में चुनाव चल रहा है, इसलिए शायद यह कमी रह गई हो, लेकिन क्‍या ही अच्छा होता कि इसमें भाजपा के भी कोई वरिष्ठ नेता होते और वह भी मंच पर आते और प्रोफेसर साहब के जीवन पर चर्चा करते.’

लोकतंत्र की खूबसूरती की चर्चा करते हुए उन्‍होंने कहा ‘हमने राजवंशीय व्‍यवस्‍था से चलकर इस लोकतंत्र को तैयार किया है.’

अच्छी पत्रकारिता मायने रखती है, संकटकाल में तो और भी अधिक

दिप्रिंट आपके लिए ले कर आता है कहानियां जो आपको पढ़नी चाहिए, वो भी वहां से जहां वे हो रही हैं

हम इसे तभी जारी रख सकते हैं अगर आप हमारी रिपोर्टिंग, लेखन और तस्वीरों के लिए हमारा सहयोग करें.

अभी सब्सक्राइब करें

मुलायम सिंह यादव ने अपने संबोधन में पूर्ववर्ती वक्ताओं की सराहना करते हुए कहा, ‘कहीं महंगाई, कहीं भ्रष्‍टाचार और कहीं बेरोजगारी का सवाल है और मुझे खुशी है कि इसमें हिंदुस्‍तान सबको साथ लेकर चला है. मुझे खुशी है कि यहां पूरा देश बैठा हुआ है और मैं प्रोफेसर राम गोपाल को धन्यवाद देता हूं कि उन्‍होंने सबको एकत्र कर दिया है.’

उन्होंने कहा, ‘आज देश के सवाल पर सब एक हैं. जो समस्‍या है, चाहे बेरोजगारी की, महंगाई की, या भ्रष्‍टाचार की, इन मुद्दों पर सब एक साथ हैं.’

मुलायम ने कहा कि ‘इसी भावना से हम साथ रहेंगे तो देश का विकास होगा और इसे कोई रोक नहीं सकेगा.’ उन्होंने कहा कि उन्हें खुशी है कि सभी दलगत भावना से ऊपर उठकर देश और मानवता के सवाल पर बोल रहे हैं.

समाजवादी पार्टी के अध्‍यक्ष और उत्‍तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने संबोधन में कहा कि यह किताब न केवल समाजवादियों को बल्कि आने वाली पीढ़ी को प्रेरित करेगी. किताब के शीर्षक की ओर इशारा करते हुए उन्‍होंने कहा, ‘हम नये लोग सोचते हैं कि राजनीति के उस पार क्या है? जवाब यही आता है कि राजनीति. अगर हम कहें राजनीति के उस पार क्‍या है तो समय बता रहा है उसके हिसाब से इसका जवाब है-समाजवादी सरकार.’

उन्होंने नेताजी (मुलायम सिंह यादव) के प्रति आभार ज्ञापित किया और कहा कि यहां नेताजी की वजह से सबके चेहरे पर खुशी है और सभी को उन्‍होंने पहचान दी है.

प्रोफेसर राम गोपाल यादव ने कहा, ‘मैं जो कुछ हूं, नेताजी की वजह से हूं और हमेशा चाहूंगा कि उनका आशीर्वाद बना रहे.’ उन्होंने कहा कि संघर्ष के बिना कोई सृजन नहीं हो सकता है.

समारोह में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राष्ट्रीय सचिव अतुल कुमार अंजान, कांग्रेस पार्टी के वरिष्‍ठ नेता व पूर्व सांसद प्रमोद तिवारी, आम आदमी पार्टी के उप्र प्रभारी व राज्‍यसभा सदस्‍य संजय सिंह, सांसद मनोज झा, पत्रकार हेमंत शर्मा, कवि उदय प्रताप सिंह, विधानसभा में नेता विरोधी दल रामगोविंद चौधरी व विधान परिषद में नेता विरोधी दल अहमद हसन समेत कई प्रमुख लोग मौजूद थे. कार्यक्रम का संचालन पूर्व मंत्री प्रोफेसर अभिषेक मिश्र ने किया.

share & View comments