Saturday, 25 June, 2022
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मायावती का आरोप, जातिवार जनगणना की मांग की अनदेखी कर रही केंद्र सरकार

मायावती ने आरोप लगाया कि केंद्र व राज्यों की जातिवादी सरकारें आए दिन नियम व कानून बनाकर इनके आरक्षण को प्रभावहीन बनाने में लगी हैं.

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लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने मंगलवार को आरोप लगाया कि जातिवादी मानसिकता के कारण केंद्र सरकार जातिवार जनगणना की मांग की अनदेखी कर रही है और उत्तर प्रदेश सरकार राज्य में मुसलमानों के साथ सौतेला व्यवहार करने के साथ उनमें डर पैदा कर रही है.

मंगलवार को बसपा के लखनऊ कार्यालय में पार्टी के ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग), मुस्लिम और जाट समाज के मुख्य और मंडल सेक्टर स्तर के वरिष्ठ पदाधिकारियों की समीक्षा बैठक के बाद मायावती ने जातिवार जनगणना का समर्थन करते हुए पत्रकारों से कहा कि ‘ओबीसी समाज की जातिवार जनगणना कराने की मांग से बसपा पूरी तरह से सहमत है, जिसे केंद्र सरकार द्वारा जातिवादी मानसिकता के चलते नजरअंदाज किया जा रहा है.’

मायावती ने यह बैठक उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों में अनुसूचित वर्ग के लिए आरक्षित 86 विधानसभा सीटों में मुस्लिमों और जाट समुदाय को जोड़ने के लिए पार्टी पदाधिकारियों द्वारा चलाये जा रहे अभियान की समीक्षा के लिए बुलाई थी.

उन्होंने सत्तारूढ़ भाजपा पर मुसलमानों के साथ अन्‍याय करने का आरोप लगाते हुए कहा, ‘भाजपा की प्रदेश सरकार से मुस्लिम समाज दुखी है और इनकी तरक्की बंद है.’ उन्होंने कहा, ‘ज्यादातर फर्जी मुकदमों में फंसाकर इनका (मुसलमानों का) उत्पीड़न किया जा रहा है और नये नये नियमों के तहत इनमें काफी दहशत पैदा की जा रही है, जो ये सब मेरी सरकार में कतई नहीं हुआ है, ये बात भी सर्वविदित है.’

मायावती ने कहा, ‘लेकिन इससे भाजपा का इनके प्रति सौतेला रवैया साफ नजर आ रहा है. जबकि बसपा सरकार में इनकी तरक्की के साथ-साथ इनके जान माल की पूरी हिफाजत की गई है. इनके साथ साथ जाट समाज की तरक्की का पूरा पूरा ध्यान रखा गया है.’

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उन्होंने अन्य पिछड़ा वर्ग को आरक्षण मिलने का श्रेय बाबा साहब को देते हुए यह भी दावा किया कि आजादी के बाद लंबे समय तक कांग्रेस की सरकार ने मंडल आयोग की रिपोर्ट लागू नहीं की. लेकिन बसपा ने अपने अथक प्रयासों से केंद्र में वीपी सिंह की सरकार में इसे लागू करवाया और तब जाकर देश में ओबीसी वर्गों को दलितों और आदिवासियों की तरह आरक्षण की सुविधा मिली है.

मायावती ने आरोप लगाया कि केंद्र व राज्यों की जातिवादी सरकारें आए दिन नियम व कानून बनाकर इनके आरक्षण को प्रभावहीन बनाने में लगी हैं.

बसपा प्रमुख ने पत्रकारों को बताया कि आज (मंगलवार को) बसपा के लखनऊ कार्यालय में पार्टी के ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग), मुस्लिम और जाट समाज के मुख्य और मंडल सेक्टर स्तर के वरिष्ठ पदाधिकारियों की बैठक बुलाई गई जिनको प्रदेश की आरक्षित विधानसभा सीटों पर अपने-अपने समाज के लोगों को बसपा में जोड़ने की जिम्मेदारी सौंपी गई है.

उन्होंने कहा कि इन समुदायों के लोग सामान्य सीटों पर भी काम कर रहे हैं और उनकी बैठक पहले हो चुकी है. मायावती ने वादा किया कि अगर बसपा सत्ता में आती है तो उनकी सरकार मुसलमानों के अलावा, जाट और ओबीसी समुदायों की प्रगति, कल्याण और सुरक्षा भी सुनिश्चित करेगी.

एक सवाल के जवाब में मायावती ने कहा कि बसपा अकेले अपने बूते पर 403 सीटों पर पूरी दमदारी से चुनाव लड़ेगी और 2007 की तरह पूर्ण बहुमत से हमारी पार्टी सत्ता में आएगी. उन्होंने कहा कि किसी से समझौते का कोई सवाल ही नहीं है.


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