नई दिल्ली: असम के लोगों की सभ्यता, विरासत और अधिकारों की रक्षा का वादा करते हुए भारतीय जनता पार्टी ने कहा है कि अगर फिर से सत्ता में आई तो राज्य में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करेगी.
इसके अलावा पार्टी ने “लव जिहाद को खत्म करने के लिए प्रभावी कानून बनाने और लैंड जिहाद से निपटने के लिए कड़े कदम उठाने” का भी वादा किया है. उत्तराखंड इस कानून को लागू करने वाला पहला राज्य बन चुका है और गुजरात ने भी हाल ही में इस पर बिल पास किया है.
असम की 126 विधानसभा सीटों पर 9 अप्रैल को चुनाव होंगे और 4 मई को मतगणना होगी.
यूसीसी के अलावा बीजेपी के ‘संकल्प पत्र’ में कुल 31 वादों का जिक्र है. इसमें ‘बांग्लादेशी मिया’ कहे जाने वाले लोगों से अतिक्रमित जमीन वापस लेने, राज्य के विकास, युवाओं के लिए रोजगार और असम को बाढ़ मुक्त बनाने की बात कही गई है. ‘बांग्लादेशी मिया’ शब्द बंगाली बोलने वाले मुसलमानों के लिए अपमानजनक रूप में इस्तेमाल होता है. मुख्यमंत्री लंबे समय से कहते रहे हैं कि राज्य को उनसे मुक्त करना जरूरी है.
पार्टी ने 2026 असम विधानसभा चुनाव के लिए गुवाहाटी में अपना ‘संकल्प पत्र’ जारी किया.
इस मौके पर केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण और सर्बानंद सोनोवाल, मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा, प्रदेश अध्यक्ष दिलीप सैकिया, असम प्रभारी बैजयंत पांडा और अन्य नेता मौजूद थे.
घोषणापत्र में कहा गया, “हम असम की सभ्यता, विरासत और लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए कानून को मजबूत करेंगे. इसके लिए यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने की दिशा में काम करेंगे, जिसमें छठी अनुसूची वाले क्षेत्र और जनजातियों को बाहर रखा जाएगा और उनके पारंपरिक अधिकार सुरक्षित रहेंगे. लव जिहाद खत्म करने के लिए कानून बनाएंगे और लैंड जिहाद से निपटने के लिए कड़े कदम उठाएंगे.” पार्टी ने दो लाख नौकरियां देने का भी वादा किया है.
घोषणापत्र में कहा गया है कि “1950 के इमिग्रेंट्स (असम से निष्कासन) कानून को लागू कर अवैध प्रवासियों की पहचान और उन्हें वापस भेजने की प्रक्रिया तेज की जाएगी. हर इंच जमीन को अतिक्रमण से मुक्त किया जाएगा. मिशन बसुंधरा के तहत असम के असली नागरिकों को जमीन के अधिकार दिए जाएंगे. सत्रों, नामघरों और अन्य धार्मिक व सांस्कृतिक स्थलों की जमीन को भी अतिक्रमण से मुक्त किया जाएगा.”
अवैध प्रवासियों का मुद्दा बीजेपी के घोषणापत्र का मुख्य हिस्सा बन गया है. बीजेपी सांसद और असम प्रभारी बैजयंत पांडा ने मुख्यमंत्री के रुख का समर्थन करते हुए कहा कि अवैध प्रवासी असम की संस्कृति पर हमला हैं और उन्होंने राज्य में “घुसपैठ” की है.
पार्टी ने राज्य में जनसंख्या के बदलाव पर भी चिंता जताई है. केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि बीजेपी सरकार की वजह से राज्य में शांति और स्थिरता आई है.
उन्होंने कहा, “आप जो भी करते हैं, वह राज्य में शांति और स्थिरता पर निर्भर करता है. आज असम में शांति है और यह बनी हुई है. यह सबसे बड़ी उपलब्धि है. 2007 में कांग्रेस के समय 474 हमले हुए और 287 लोगों की मौत हुई. पहले भी हर साल ऐसी घटनाएं होती थीं. 10 साल तक हर साल 128 लोग मारे जाते थे. लेकिन अब बदलाव देखिए.”
उन्होंने कहा, “2016 में जब यह सरकार आई, तो मौतों की संख्या 128 से घटकर 99 हो गई. 2018 में 14 लोगों की मौत हुई. लेकिन 2019 से 2023-24 के बीच एक भी मौत नहीं हुई. यह सरकार की उपलब्धि है और इससे लोगों की जान बची है.”
सरमा ने कहा कि बीजेपी अगले पांच साल में दो लाख नौकरियां देगी. उन्होंने बाढ़ की समस्या से निपटने के लिए भी बड़ी योजना की बात की. उन्होंने कहा, “हम असम को बाढ़ मुक्त बनाने की कोशिश करेंगे और पहले दो साल में 18,000 करोड़ रुपये खर्च करेंगे.”
घोषणापत्र में कल्याण योजनाओं का भी जिक्र है. पार्टी ने मुख्यमंत्री महिला उद्यमिता योजना के तहत दूसरी किस्त में 25,000 रुपये देने और इसे बढ़ाकर 40 लाख ‘लखपति बहनों’ तक पहुंचाने का वादा किया है.
सरमा ने ओरुनोदोई योजना के तहत मासिक सहायता को 1,250 रुपये से बढ़ाकर 3,000 रुपये करने और 15 लाख नए परिवारों को इसमें शामिल करने की बात भी कही.
पार्टी ने असम की फिल्मों, साहित्य, लोक गीत, संगीत और डॉक्यूमेंट्री को बढ़ावा देने के लिए एक अलग असमिया ओटीटी प्लेटफॉर्म शुरू करने का भी वादा किया है.
(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)
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