Monday, 27 June, 2022
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बाबरी विध्वंस पर आए फैसले पर आडवाणी ने लगाया ‘जय श्री राम’ का नारा, जोशी बोले- ‘सबको सन्मति दे भगवान’

सीबीआई की विशेष अदालत द्वारा सुनाए गए फैसले में सभी आरोपियों को बरी करने का स्वागत करते हुए भाजपा ने इसे 'सत्य की जीत' करार दिया.

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नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी ने बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में लखनऊ स्थित सीबीआई की विशेष अदालत द्वारा बुधवार को सुनाए गए फैसले में सभी आरोपियों को बरी करने का स्वागत करते हुए इसे ‘सत्य की जीत’ करार दिया. कोर्ट के फैसले के बाद बीजेपी में खुशी की लहर दौड़ गई है.

फैसले के तत्काल बाद भाजपा के संगठन महासचिव बी एल संतोष ने ट्वीट कर कहा, ‘बाबरी इमारत विध्वंस मामले में आरोपी सभी 32 आरोपियों को बरी कर दिया गया है. अदालत ने विध्वंस के पीछे किसी प्रकार के षड्यंत्र होने की बात को खारिज किया है. अदालत ने माना है कि विध्वंस उकसावे की तात्कालिक प्रतिक्रिया का परिणाम था. सत्य की जीत होती है.’

भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी ने कोर्ट के फैसले के बाद कहा, ‘स्पेशल कोर्ट का जो निर्णय हुआ है वह अत्यंत महत्वपूर्ण है. हम सभी के लिए बहुत खुशी का प्रसंग है. जब ये समाचार सुना तो जय श्री राम कहकर इसका स्वागत किया. लंबे समय बाद अच्छा समाचार मिला. इस फैसले ने मेरे निजी और बीजेपी का राम जन्मभूमि मूवमेंट की भावना को भी सही साबित किया है. मैं इस फैसले का तहेदिल से स्वागत करता हूं.’

कोर्ट के ​फैसले के बाद कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद आडवाणी के घर उनसे मिलने पहुंचे.

पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरली मनोहर जोशी ने बाबरी विध्वंस मामले में सीबीआई की विशेष अदालत के फैसले को ऐतिहासिक बताया.

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जोशी ने कहा, ‘कोर्ट के इस फैसले का स्वागत करते हैं. अदालत ने आज एक ऐतिहासिक निर्णय सुनाया, मैं तमाम अधिवक्ताओं को जिन्होंने शुरुआत के दिन से ही हर स्तर पर इस मामले में सही तथ्यों को न्यायालय के सामने रखा, उनकी परिश्रम से और लोगों की गवाही से ये फैसला सामने आया है.’

जोशी ने कहा, ‘राम मंदिर आंदोलन एक काफी अहम वक्त था, इसका उद्देश्य देश की मर्यादाओं को सामने रखना था. अब राम मंदिर का निर्माण भी होने जा रहा है, जय जय सिया राम, सबको सन्मति दे भगवान.’

रक्षा मंत्री और पूर्व भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने फैसले का स्वागत करते हुए इसे न्याय की जीत बताया.

राजनाथ सिंह ने ट्वीट कर कहा, ‘लखनऊ की विशेष अदालत द्वारा बाबरी मस्जिद विध्वंस केस में श्री लालकृष्ण आडवाणी, श्री कल्याण सिंह, डा. मुरली मनोहर जोशी, उमाजी समेत 32 लोगों के किसी भी षड्यंत्र में शामिल न होने के निर्णय का मैं स्वागत करता हूं. इस निर्णय से यह साबित हुआ है कि देर से ही सही मगर न्याय की जीत हुई है.’

बुधवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत के न्यायाधीश एस.के. यादव ने फैसला सुनाते हुए कहा कि बाबरी मस्जिद विध्वंस की घटना पूर्व नियोजित नहीं थी. यह एक आकस्मिक घटना थी.

उन्होंने कहा कि आरोपियों के खिलाफ कोई पुख्ता सबूत नहीं मिले बल्कि आरोपियों ने उन्मादी भीड़ को रोकने की कोशिश की थी.

विशेष सीबीआई अदालत के न्यायाधीश एस के यादव ने 16 सितंबर को इस मामले के सभी 32 आरोपियों को फैसले के दिन अदालत में मौजूद रहने को कहा था. हालांकि वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह, राम जन्मभूमि न्यास अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास और सतीश प्रधान अलग-अलग कारणों से न्यायालय में हाजिर नहीं हो सके.

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)


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