तिरुवनंतपुरम: केरल में सोमवार को सत्ता संभालने के कुछ ही घंटों बाद वी.डी. सतीशन के नेतृत्व वाली यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) सरकार ने कई कल्याणकारी योजनाओं का ऐलान किया. इनमें आशा वर्कर्स का मानदेय 3,000 रुपये बढ़ाकर 12,000 रुपये करना, महिलाओं के लिए फ्री बस यात्रा और बुजुर्गों के लिए अलग विभाग बनाना शामिल है.
एक दशक बाद केरल में सत्ता में लौटी कांग्रेस नेतृत्व वाली यूडीएफ सरकार ने आंगनवाड़ी कर्मचारियों, प्री-प्राइमरी शिक्षकों और सरकारी स्कूलों के रसोइयों का मासिक मानदेय भी 1,000 रुपये बढ़ा दिया.
सरकार की पहली कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री सतीशन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “हमने राज्य की वित्तीय स्थिति और जिम्मेदारियों को ध्यान में रखकर ये फैसले लिए हैं. वरना हम 2,000 या 3,000 रुपये तक बढ़ाना चाहते थे. इसलिए फिलहाल इसे 1,000 रुपये रखा गया है. लेकिन हमने आगे के लिए लक्ष्य तय किया है, जिसके बारे में बाद में बात करेंगे.”
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार जल्द ही एक श्वेत पत्र जारी करेगी, जिसमें राज्य की मौजूदा आर्थिक स्थिति की जानकारी दी जाएगी.
उन्होंने कहा, “आज ही यह बताने की ज़रूरत नहीं है कि हम आर्थिक स्थिति को कैसे सुधारेंगे. हमारे पास एक योजना है. जब वह लागू होगी तो बड़ा बदलाव दिखाई देगा. इसके लिए हमने समयसीमा भी तय की है. आने वाले दिनों में इस पर पूरी तरह फैसला लिया जाएगा.”
सरकार द्वारा घोषित योजनाओं में कांग्रेस के चुनावी घोषणापत्र की पांच ‘इंदिरा गारंटी’ में शामिल दो वादे भी हैं. इनमें 15 जून से केरल स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (KSRTC) की बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा और बुजुर्गों के कल्याण के लिए अलग विभाग बनाना शामिल है.
सतीशन ने कहा कि बुजुर्गों की देखभाल के लिए जापान के मॉडल का अध्ययन किया जाएगा.
उन्होंने कहा, “अगर हमें दुनिया को बताना है कि केरल एक सभ्य समाज है, तो हमें बुजुर्गों के पास जाकर सम्मान के साथ उनकी देखभाल करनी होगी.”
मुख्यमंत्री ने कहा, “यह सिर्फ कोई आयोग बनाकर अधिकारियों की नियुक्ति करने की बात नहीं है. इस विभाग को बनाने के पीछे हमारे बड़े लक्ष्य हैं. यह धीरे-धीरे आगे बढ़ेगा.”
पिछले साल सतीशन ने सचिवालय के बाहर आशा वर्कर्स के प्रदर्शन में भी हिस्सा लिया था. विधानसभा चुनाव से पहले यह प्रदर्शन वामपंथी सरकार के खिलाफ सबसे चर्चित आंदोलनों में से एक बन गया था.
नए फैसले के बाद आशा वर्कर्स को हर महीने 12,000 रुपये मानदेय मिलेगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि आगे चलकर इसमें और बढ़ोतरी का ऐलान भी किया जाएगा.
आशा वर्कर्स की बड़ी मांगों में रिटायरमेंट लाभ भी शामिल था. मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पर जल्द फैसला लिया जाएगा.
सतीशन समेत 21 सदस्यीय कैबिनेट ने सोमवार को चंद्रशेखरन नायर स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में शपथ ली. इस समारोह में राज्यभर से हजारों कांग्रेस समर्थक शामिल हुए.
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