कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला | फेसबुक
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नई दिल्ली: हरियाणा के जींद विधानसभा के लिए होने जा रहे उपचुनाव में कांग्रेस ने बड़ा दांव चला है. एक सीट पर उपचुनाव के लिए खुद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पार्टी प्रत्याशी के नाम का फैसला करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणदीप सुरजेवाला को चुनावी दंगल में उतार दिया है. भाजपा ने जींद उपचुनाव में पूर्व इनेलो विधायक डॉ. हरिचंद मिड्ढा के बेटे कृष्ण मिड्ढा को मैदान में उतारा है. वहीं, अपना पहला चुनाव लड़ रही जननायक जनता पार्टी ने दिग्विजय चौटाला को अपना उम्मीदवार घोषित किया है. इससे यह मुकाबला रोचक हो गया है.

सुरजेवाला कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी और कैथल सीट से विधायक हैं. ऐसा करके राहुल गांधी ने एक तरफ हरियाणा कांग्रेस में चल रही गुटबाजी का तोड़ निकाला तो दूसरी तरफ, एक उपचुनाव को आगामी विधानसभा की भूमिका तैयार करने का माध्यम बना दिया है.

कांग्रेस ने अचानक बदला प्रत्याशी

नामांकन के एक दिन पहले तक माना जा रहा था कि कलायत के निर्दलीय विधायक जयप्रकाश के बेटे विकास को कांग्रेस से टिकट दिया जाना है. हरियाणा कांग्रेस की ओर से राहुल गांधी को यही एक नाम भेजा गया था. लेकिन जानकार सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी ने इस बात पर जोर दिया कि इस उपचुनाव में किसी दमदार प्रत्याशी को मैदान में उतारा जाए.

बुधवार दिन में दिल्ली में जींद उपचुनाव के लिए प्रत्याशी तय करने के लिए कांग्रेस के पर्यवेक्षक केसी वेणुगोपाल की अध्यक्षता में तीन दौर की बैठकें हुईं, लेकिन ये बैठकें बेनतीजा रहीं. इस बैठक में वेणुगोपाल, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष अशोक तंवर, सांसद कुमारी सैलजा, पूर्व मंत्री कैप्टन अजय यादव और रणदीप सुरजेवाला शामिल हुए, लेकिन इनमें आपस में कोई सहमति नहीं बन सकी.

अंतत: यह फैसला राहुल गांधी पर छोड़ दिया गया. राहुल गांधी के सामने न तो पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की चली, न ही हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष अशोक तंवर की. कांग्रेस की तरफ से देर रात कांग्रेस महासचिव मुकुल वासनिक ने रणदीप सुरजेवाला के नाम की घोषणा की. राहुल गांधी ने सुरजेवाला को प्रत्याशी घोषित करके सबको चौंका दिया.

हरियाणा कांग्रेस के लिए सुरजेवाला के नाम की घोषणा अप्रत्याशित तो है, लेकिन पार्टी के कार्यकर्ता इसे अच्छा निर्णय मान रहे हैं, क्योंकि सुरजेवाला हरियाणा की राजनीति में बड़ा नाम हैं. वे जिताऊ प्रत्याशी साबित होंगे.

रणदीप सुरजेवाला राहुल गांधी के करीबी माने जाते हैं और हरियाणा में बड़े कद के नेता हैं. उनकी उम्मीदवारी से एक तरफ कांग्रेस की दावेदारी ज्यादा मजबूत हुई है, तो दूसरी तरफ यह सुरजेवाला की भी लोकसभा और विधानसभा चुनाव से पहले अग्निपरीक्षा होगी.

यह भी माना जा रहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री हुड्डा समेत कांग्रेस में अलग अलग गुटों को संदेश देने के लिए भी राहुल गांधी ने यह कदम उठाया है. हाल ही में राज्य में हुए निकाय चुनावों में कांग्रेस को हार का मुंह देखना पड़ा. ऐसा पार्टी में सिर मार रही गुटबंदी और भितरघात के कारण हुआ.

दिवंगत पूर्व विधायक डॉ. हरिचंद मिड्‌ढा इस सीट से दो बार विधायक रह चुके थे. उनके देहांत के बाद यह सीट खाली हुई थी, जिस पर उपचुनाव हो रहा है. मिड्ढा ने इंडियन नेशनल लोकदल इनेलो के टिकट पर 2014 में यहां से चुनाव जीता था. उनके बेटे को टिकट देकर भाजपा इनेलो के वोटबैंक में सेंध लगाना चाहती है. लेकिन अब उसे कांग्रेस से कड़ी टक्कर मिलने जा रही है. जींद विधानसभा सीट पर 28 जनवरी को मतदान होंगे और 31 जनवरी को नतीजा आएगा. इसके लिए गुरुवार को नामांकन का आखिरी दिन है.

नई पार्टी का पहला चुनाव

वहीं अपना पहला चुनाव लड़ रही जननायक जनता पार्टी ने दिग्विजय चौटाला को अपना उम्मीदवार घोषित किया है. सांसद दुष्यंत चौटाला ने नामांकन के अंतिम दिन दिग्विजय के नाम की घोषणा की. जींद में दिग्विजय चौटाला भी जाने-माने चेहरे हैं. दिग्विजय चौटाला इनेलो की युवा इकाई और इंडियन नेशनल स्टूडेंट ऑर्गेनाइजेशन (इनसो) के राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके हैं.

हाल ही में ओमप्रकाश चौटाला के बड़े बेटे अजय चौटाला को इंडियन नेशनल लोकदल से निष्काषित कर दिया गया था. इसके बाद अजय चौटाला ने अपने दोनों बेटों दुष्यंत और दिग्विजय के साथ मिलकर जननायक जनता पार्टी नाम से नये राजनीतिक दल की घोषणा की थी. यह इस नये राजनीतिक दल और दिग्विजय चौटाला, दोनों का पहला चुनाव होगा.

वहीं, पारिवारिक कलह और सीनियर चौटाला के जेल की सजा जैसे संकट से जूझ रही इंडियन नेशनल लोकदल ने अपना कोई प्रत्याशी घोषित करने की बजाय निर्दलीय प्रत्यायशी उम्मेद सिंह रेढू को समर्थन दिया है.


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