Wednesday, 29 June, 2022
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ह्यूमन चेन, घर-घर अभियान, यज्ञ- BJP कैसे PM मोदी की ‘सुरक्षा में चूक’ पर कांग्रेस को निशाना बना रही

विशेषज्ञों का कहना है कि बीजेपी बुधवार को पंजाब में एक फ्लाईओवर पर पीएम के काफिले के फंसने की घटना, जिसे गृह मंत्रालय ने एक 'बड़ी सुरक्षा चूक' कहा था, को लेकर एक बड़ा नैरेटिव गढ़ रही है.

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नई दिल्ली: बुधवार को पंजाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काफिले के रास्ते में कथित तौर पर हुए ‘सुरक्षा नियमों के उल्लंघन’ को लेकर कांग्रेस के खिलाफ अपना अभियान तेज करते हुए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) इस घटना के बारे में लोगों को बताने के लिए घर-घर जाकर संपर्क करने की तैयारी कर रही है. इसके विरोध में वह देशभर में ह्यूमन चैन भी बनाएगी.

पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों से पहले हुए इस घटना के बाद राजनीतिक विशेषज्ञ बीजेपी के इन कदमों को पार्टी द्वारा यह संदेश देने की कोशिश के रूप में देखते हैं कि सुरक्षा नियमों के इस उल्लंघन के पीछे कोई खास ‘साजिश’ थी.

शुक्रवार को बीजेपी ने देश भर में महात्मा गांधी की प्रतिमाओं पर दो घंटे तक मौन विरोध प्रदर्शन किया. बीजेपी नेताओं ने बताया कि पार्टी के अनुसूचित जाति मोर्चा ने भी पूरे भारत में डॉ बी.आर. अम्बेडकर की मूर्तियों के पास इकठ्ठा होने और कांग्रेस द्वारा ‘लोकतंत्र और संविधान की हत्या’ के बारे में नारे लगाने का फैसला किया है.

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने भी शुक्रवार को पीएम मोदी की लंबी आयु के लिए यज्ञ का आयोजन किया जबकि केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने मुंबई में हाजी अली दरगाह पर इसी आशय से इबादत की.

बीजेपी के राज्य-स्तरीय नेताओं को राज्यपालों से मिलने और सुरक्षा नियमों के इस उल्लंघन में कांग्रेस की कथित भूमिका के बारे में एक ज्ञापन प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है. पार्टी के सभी मोर्चा अपनी ओर से अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित करेंगे.

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बीजेपी के ओबीसी (पिछड़ा संवर्ग) मोर्चा के प्रमुख के. लक्ष्मण ने कहा, ‘हम कल (शनिवार को) तेलंगाना के राज्यपाल से मुलाकात करेंगे और उन्हें बताएंगे कि हमारे पीएम के साथ क्या हुआ और उन्हें राष्ट्रपति को हमारा संदेश पहुंचाना चाहिए.’ गुरुवार को बीजेपी ने कई प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित किया और एक कैंडल मार्च का भी आयोजन किया. इस बीच मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित कई नेताओं ने पीएम की लंबी आयु और उनकी सुरक्षा के लिए महामृत्युंजय मंत्र का जाप किया.

गौरतलब है कि पंजाब के फिरोजपुर में बुधवार को पीएम मोदी का निर्धारित दौरा उस वक्त रद्द कर दिया गया था जब उनका काफिला एक फ्लाईओवर पर इस वजह से फंस गया था क्योंकि किसानों ने शहर के लिए जाने वाली सड़क को अवरुद्ध कर दिया था. इससे पहले खराब मौसम के कारण प्रधानमंत्री मोदी बठिंडा हवाई अड्डे से हेलीकॉप्टर की उड़ान नहीं भर सके थे. इसी वजह से राज्य में सत्तारूढ़ कांग्रेस और बीजेपी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का खेल शुरू हो गया है.


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मैं भी चौकीदार‘ 2.0

बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता के अनुसार, पार्टी अभी भी अपनी कार्ययोजना के बारे में अंतिम रणनीति बना रही है लेकिन कई लोगों ने इसकी तुलना लोकसभा चुनाव से ठीक पहले 2019 में बीजेपी द्वारा शुरू किए गए ‘मैं भी चौकीदार’ अभियान से की है. इस नेता ने कहा, ‘कई ट्विटर यूजर्स ने इस मुद्दे के साथ एकजुटता दिखाने के लिए अपने हैंडल को पहले ही ‘आई एम मोदी (मैं मोदी हूं)’ में बदल लिया है और बीजेपी में भी कई लोग इसका अनुसरण करने की योजना बना रहे हैं.’

बीजेपी के अल्पसंख्यक मोर्चा ने पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी का पुतला फूंका है और यह अगले कुछ दिनों तक अपना विरोध जारी रखने की योजना बना रही है. अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष जमाल सिद्दीकी ने कहा, ‘हमारी सभी राज्य ईकाइयां अलग-अलग तरीके से अपना विरोध दर्ज करा रही हैं. यह एक गंभीर मसला है और इसे उजागर करने का हमारा यही तरीका है.’

पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह, जो अब बीजेपी के सहयोगी बन चुके हैं, पहले ही इस राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग कर चुके हैं. हालांकि, बीजेपी खुद इस मुद्दे पर कुछ भी साफ़- साफ़ कहने से बच रही है. पंजाब बीजेपी के अध्यक्ष अश्विनी शर्मा ने कहा, ‘यह एक गंभीर मुद्दा है और पंजाब के राज्यपाल के साथ हुई हमारी मुलाकात में हमने मांग की है कि राज्य के उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा, जिनके पास वर्तमान में गृह विभाग की जिम्मेदारी है, और कार्यवाहक पुलिस महानिदेशक सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय को तुरंत बर्खास्त किया जाए.‘

चन्नी के नेतृत्व वाली सरकार को बर्खास्त किए जाने की मांग के बारे में शर्मा ने दिप्रिंट को बताया, ‘इस सरकार का अस्तित्व केवल कुछ दिनों के लिए है. हम यह तय करने का काम लोगों के जिम्मे छोड़ते हैं कि इसके साथ क्या किया जाना चाहिए. जहां तक सुरक्षा में हुई चूक का सवाल है तो हम घर-घर जाकर लोगों को कांग्रेस, जो देश के पीएम तक को सुरक्षा नहीं दे पा रही है, का असली चेहरा दिखाएंगे.’

बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता ने अपना नाम न जाहिर करने की शर्त पर कहा कि पार्टी के लिए ‘पंजाब में भले ही बहुत कुछ दांव पर न लगा हो’, मगर सुरक्षा नियमों में चूक के इस मुद्दे का राष्ट्रीय स्तर पर प्रभाव पड़ता है. इस नेता ने कहा, ‘अगर वो हमारे पीएम को सुरक्षित नहीं रख सकते हैं तो वो पूरे राज्य को कैसे सुरक्षित रख सकते हैं? यह एक महत्वपूर्ण मुद्दा है, और वह न केवल बीजेपी के बल्कि हमारे देश के पीएम हैं.‘

बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने इसी सिलसिले में आगे कहा : ‘हमने इस सारे मामले की केंद्रीय जांच की मांग की है क्योंकि हम राज्य सरकार पर भरोसा नहीं कर सकते हैं. यह कोई हल्के में लेने लायक मुद्दा नहीं है. चन्नी पहले से ही कट्टरपंथियों और विघटनकारी ताकतों के पसंदीदा व्यक्ति बन गए हैं और ऐसा लगता है (दिल्ली के सीएम) अरविंद केजरीवाल भी इन कट्टरपंथियों के बीच अपना स्थान फिर से हासिल करने के लिए जल्द ही कुछ-न-कुछ योजना तैयार करेंगे.‘

नैरेटिव गढ़नाविपक्ष को दानव‘ के रूप में पेश करना

विशेषज्ञों का कहना है कि सुरक्षा में हुई चूक कोई चुनावी मुद्दा नहीं भी हो सकती है लेकिन यह मुद्दा एक बड़ा नैरेटिव तैयार करने में मदद करता है. दिल्ली स्थित थिंक-टैंक सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ डेवलपिंग सोसाइटीज (सीएसडीएस) के प्रोफेसर संजय कुमार ने दिप्रिंट को बताया, ‘बीजेपी इसके माध्यम से अपने पक्ष में एक इस तरह का नैरेटिव गढ़ने की कोशिश कर रही है कि जब वे (विपक्ष) हमें चुनाव में नहीं हरा सके तो अब वो अनैतिक तरीकों का इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहें हैं. इसके पीछे का विचार सुरक्षा में हुई इस चूक को कांग्रेस द्वारा पीएम को खत्म करने या उन्हें चोट पहुंचाने की चाल के रूप में दिखाने का है.’

कुमार ने कहा, ‘जिस तरह से बीजेपी ने संवाददाता सम्मलेन आयोजित किए हैं और इसके नेताओं ने मंदिरों में पीएम की भलाई के लिए प्रार्थना की है उससे लगता है कि इस तरह का एक नैरेटिव बनाया जा रहा है कि पीएम की जान को वाकई में कोई खतरा था. मैं यह नहीं कहा रहा हूं कि ऐसा कुछ भी नहीं था लेकिन वो लोगों को यही समझाने की कोशिश कर रहे हैं कि यह कोई सुरक्षा में हुई चूक नहीं बल्कि एक साजिश थी.’

उन्होंने आगे कहा, ‘हालांकि यह कोई मतदान का मुद्दा नहीं हो सकता है मगर यह निश्चित रूप से एक ऐसा बड़ा नैरेटिव बनाने में मदद करता है कि बीजेपी लोगों की परवाह करती है और यह कि विपक्ष, जो स्वयं चुनाव जीतने में असमर्थ है, राष्ट्र-विरोधी है, अनैतिक साधनों का उपयोग करता है, और यहां तक कि पीएम को मारने की साजिश भी कर सकता है. इसलिए वो विपक्ष की एक राक्षसी छवि पेश कर रहे हैं.’

(इस खबर को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.)


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