नई दिल्ली : असम में भाजपा ने रविवार को हिमंता बिस्वा सरमा को राज्य का नया मुख्यमंत्री बनाने का फैसला किया है. सरमा को सर्वसम्मति से भाजपा विधायक दल का नेता चुन लिया गया है. केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता नरेंद्र सिंह तोमर ने इसकी जानकारी दी.
केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा, ‘मैं सर्वसम्मति से असम राज्य भाजपा विधानमंडल के नेता के रूप में श्री हिमंत बिस्वा सरमा को विधायक दल का नेता घोषित करता हूं.’
गौरतलब है कि राज्य में चुनाव सर्बानंद सोनोवाल के चेहरे पर लड़ा गया और बीजेपी ने जीत हासिल की. भाजपा ने 126 सदस्यीय असम विधानसभा में 60 सीटों पर जीत दर्ज की है. जबकि उसकी गठबंधन सहयोगी असम गण परिषद से नौ और यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल ने 6 सीटें जीतीं.
इससे पहले केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह आब्जर्वर के तौर विधायक दल की मीटिंग के लिए पहुंचे थे और पूर्व मुख्यमंत्री रहे सर्बानंद सोनोवाल भी इस बैठक में शामिल हुए.
Himanta Biswa Sarma elected unanimously as leader of the BJP Legislature Party
— Press Trust of India (@PTI_News) May 9, 2021
असम के नए मुख्यमंत्री के चयन से पहले सोनोवाल ने दिया इस्तीफा
इससे पहले असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने भाजपा विधायक दल की बैठक से पहले राज्यपाल जगदीश मुखी को रविवार को अपना इस्तीफा सौंपा.
विधायक दल की बैठक में राज्य का अगला मुख्यमंत्री चुने जाने की संभावना है. राजभवन के सूत्रों के यह जानकारी दी.
परंपरा के अनुसार राज्यपाल ने अगली सरकार के गठन तक सोनोवाल से पद पर बने रहने को कहा.
वहीं असम के नए मुख्यमंत्री को लेकर लगाई जा रही अटकलों के बीच, राज्य में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं सोनोवाल और हिमंत बिस्व सरमा ने पार्टी अध्यक्ष जे पी नड्डा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से दिल्ली में शनिवार को मुलाकात की थी.
एक के बाद एक की गई कई बैठकों के बाद सरमा ने संवाददाताओं से कहा था कि भाजपा के विधायक दल की बैठक गुवाहाटी में रविवार को होने की संभावना है और अगली सरकार से संबंधित सारे सवालों के वहां जवाब दिये जाएंगे.
भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने असम में अगली सरकार के नेतृत्व को लेकर चर्चा करने के लिए शुक्रवार को सोनोवाल एवं स्वास्थ्य मंत्री सरमा को दिल्ली बुलाया था.
नड्डा के निवास पर असम के दोनों नेताओं, पार्टी अध्यक्ष, शाह और भाजपा महासचिव (संगठन) बी एल संतोष के बीच तीन दौर की बैठकें हुई थीं. ये बैठकें चार घंटे से अधिक समय तक चलीं.
भाजपा ने असम में चुनाव से पहले मुख्यमंत्री पद के अपने उम्मीदवार की घोषणा नहीं की थी. उसने 2016 विधानसभा चुनाव में सोनोवाल को इस पद के उम्मीदवार के रूप में पेश किया था और चुनाव जीता था. इसी के साथ पूर्वोत्तर में भगवा दल की पहली सरकार गठित हुई थी.
इस बार, पार्टी कहती रही कि वह चुनाव के बाद फैसला करेगी कि असम का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा.
