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गोवा में एक कार्यक्रम के उद्घाटन के दौरान गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर | पीटीआई
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पणजी: गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर बुधवार को विधानसभा में नाक में नली लगाए हुए पहुंचे और उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक बीमार आदमी का इस्तेमाल किया, उन्हें इतना नीचे नहीं गिरना चाहिए था. पर्रिकर ने राहुल गांधी को एक पत्र लिखा है.

पत्र में पर्रिकर ने लिखा है कि आपने मुझे निराश किया है. आपने हमारी मुलाकात को राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल किया है. उन्होंने कहा कि आपने मेरे साथ सिर्फ पांच मिनट बिताया, इस मुलाकात में न तो आपने राफेल के बारे में कोई बात की और न ही इससे जुड़े किसी विषय पर हमारी कोई बात हुई.

मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं एक बार फिर से वादा करता हूं कि मैं अपनी आखिरी सांस तक ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण के साथ गोवा की सेवा करूंगा, इसमें मेरा जोश है जो अपने उच्चतम स्तर पर है और मैं पूरे होश में हूं.

गोवा के मंत्री नहीं कहा, नहीं करनी चाहिए राजनीति

वहीं इस मुद्दे पर गोवा के मंत्री मोविन गोडिन्हो ने बुधवार को कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को पूर्व रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर के साथ शिष्टचार के नाते हुई अपनी मुलाकात पर राजनीति नहीं करनी चाहिए.

मोविन ने यह टिप्पणी राहुल के उस दावे के एक दिन बाद की है, जिसमें राहुल ने कहा था कि पर्रिकर ने उनसे मुलाकात के दौरान कहा था कि वह नए राफेल सौदे में शामिल नहीं थे. मोविन ने कहा, ‘भले ही हम विभिन्न राजनीतिक दलों से संबंधित हों, लेकिन जब हम एक दूसरे के प्रति शिष्टचार जताते हैं, तो यह वहीं तक सीमित रहना चाहिए. किसी को इसमें राजनीति शामिल नहीं करनी चाहिए. ‘उन्होंने कहा, ‘अब अगर बड़े नेता भी इस तरह की चीजों में राजनीति करना शुरू कर देंगे तो मेरे अनुसार ऐसा करना सही नहीं होगा.’

राहुल गांधी ने मंगलवार को गोवा के बीमार चल रहे मुख्यमंत्री पर्रिकर के साथ बंद कमरे में एक संक्षिप्त मुलाकात की थी. राहुल ने हालांकि वहां इंतजार कर रहे पत्रकारों से बात नहीं की, लेकिन उन्होंने बाद में ट्वीट कर कहा, ‘आज सुबह मैं गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर से शीघ्र स्वस्थ होने की शुभकामना देने के लिए मिलने गया. यह एक व्यक्तिगत यात्रा थी.’

इसके बाद वह केरल रवाना हो गए. उन्होंने कोच्चि में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि पर्रिकर ने उनसे कहा कि बतौर रक्षा मंत्री राफेल सौदे से उनका कोई लेना-देना नहीं था. गोवा के मंत्री ने कहा, ‘हर किसी को यह समझना चाहिए कि जब आप किसी व्यक्ति के स्वास्थ्य के बारे में पूछने जाते हैं तो यह केवल उसी बारे में सीमित होना चाहिए.’


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