बेंगलुरु: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने केरल में तीन सीटें जीती हैं. बी.बी. गोपाकुमार ने कोल्लम जिले के चथन्नूर विधानसभा क्षेत्र से पार्टी को पहली जीत दिलाई. चुनाव आयोग के अनुसार, गोपाकुमार को 51,923 वोट मिले और उन्होंने भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के आर. राजेंद्रन को 4,389 वोटों से हराया.
CPI(M) के वी. शिवनकुट्टी को 4,978 वोटों से हराकर केरल बीजेपी अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने नेमोन सीट जीती. उन्होंने 2016 में इसी सीट से बीजेपी को ऐतिहासिक जीत दिलाने वाले वरिष्ठ नेता ओ. राजगोपाल की सफलता दोहराई. वहीं वी. मुरलीधरन ने कझाकोत्तम सीट 428 वोटों के छोटे अंतर से जीती. CPI(M) के मौजूदा नेता कदाकमपल्ली सुरेंद्रन उनके काफी करीब रहे.
ये दोनों सीटें तिरुवनंतपुरम जिले में आती हैं, जहां बीजेपी ने दिसंबर 2025 में नगर निगम चुनाव जीता था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अप्रैल में इन दोनों उम्मीदवारों के लिए प्रचार किया था, जिसमें बड़ी भीड़ जुटी थी.
दूसरी तरफ, शोभा सुरेंद्र पालक्काड में कांग्रेस के रमेश पिशारोड़ी से 13,147 वोटों से हार गईं.
बीजेपी को लंबे समय से राज्य में वोट शेयर को सीटों में बदलने में दिक्कत हो रही थी, लेकिन 2026 विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी को यह सिलसिला टूटने की उम्मीद थी.
2021 में बीजेपी ने राज्य की 140 में से 115 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 11.3 प्रतिशत वोट शेयर हासिल किया था, लेकिन एक भी सीट नहीं जीत पाई थी.
हालांकि 2024 के बाद पार्टी की स्थिति बदली, जब सुरेश गोपी ने त्रिशूर लोकसभा सीट जीती. यह बढ़त 2026 के शहरी स्थानीय निकाय चुनाव में भी जारी रही, जहां बीजेपी के नेतृत्व वाले NDA ने तिरुवनंतपुरम नगर निगम में 101 में से 50 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी. इसके अलावा पार्टी ने 24 ग्राम पंचायतों में भी जीत हासिल की.
1,200 में से 1,199 स्थानीय निकायों के लिए मतदान 9 और 11 दिसंबर को दो चरणों में हुआ, केवल मट्टन्नूर को छोड़कर.
‘चौथी बार भी किस्मत खराब’
कासरगोड जिले के मंझेश्वर में बीजेपी ने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. सुरेंद्रन पर उम्मीदें लगाई थीं, जो कम से कम तीन बार बहुत कम अंतर से हार चुके थे.
2021 में सुरेंद्रन इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के एकेएम अशरफ से सिर्फ 745 वोटों से हार गए थे. 2016 में भी वह IUML के पी.बी. अब्दुल रज़ाक से सिर्फ 89 वोटों से हार गए थे. सुरेंद्रन ने पहले दिप्रिंट से कहा था, “मुझे उम्मीद है कि इस बार चौथी बार किस्मत साथ देगी.”
लेकिन सोमवार को IUML के ए.के.एम. अशरफ ने सुरेंद्रन को 29,252 वोटों के बड़े अंतर से हरा दिया.
पास के कासरगोड विधानसभा क्षेत्र में अश्विनी एम.एल. ने पार्टी के लिए उम्मीद जगाई थी. वह अपने अलग-अलग मतदाताओं तक पहुंचने के लिए हिंदी, कन्नड़, तुलु, अंग्रेजी और मलयालम आसानी से बोलती थीं.
लेकिन IUML के कल्लात्रा महिन ने अश्विनी एम.एल. को 22,698 वोटों के बड़े अंतर से हरा दिया.
अश्विनी और सुरेंद्रन दोनों ने केरल की पिछली सरकारों द्वारा कासरगोड में विकास की लगातार अनदेखी का मुद्दा उठाया. उन्होंने वोट मांगने के लिए ‘मंगलुरु मॉडल ऑफ डेवलपमेंट’ का भी सहारा लिया और पड़ोसी कर्नाटक की तरह विकास और समृद्धि का वादा किया. लेकिन यह उनके काम नहीं आया.
बीजेपी को उम्मीद थी कि वह 5 से 8 सीटें जीत सकती है, जिससे पार्टी को आगे बढ़ने का आधार मिलेगा. पार्टी को यह भी उम्मीद थी कि करोड़पति साबू जैकब की Twenty20 पार्टी के साथ गठबंधन से अच्छे नतीजे मिलेंगे.
लेकिन Twenty20 एक भी सीट नहीं जीत पाई, हालांकि उसे अच्छा खासा वोट मिला.
Twenty20 एक राजनीतिक पार्टी है जो 2013 में साबू एम. जैकब की किटेक्स ग्रुप की CSR पहल से बनी थी. यह कंपनी कपड़ों का काम करती है. इस समय पार्टी एर्नाकुलम जिले की दो पंचायतों में सत्ता में है. इस साल जनवरी में, स्थानीय निकाय चुनाव के एक महीने बाद, पार्टी बीजेपी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में शामिल हो गई.
जैकब की पार्टी ने 12 उम्मीदवार उतारे, जिनमें टीवी कलाकार, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और कई जाने-माने लोग शामिल थे, जैसे कि पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी के दामाद वर्गीस जॉर्ज.
वहीं बीजेपी ने 97 सीटों पर चुनाव लड़ा और उसकी सबसे बड़ी सहयोगी पार्टी भारत धर्म जन सेना (BDJS) ने 27 सीटों पर चुनाव लड़ा. केरल में कुल 140 सीटें हैं.
पार्टी ने ईसाई समुदाय तक पहुंच बनाने के लिए भी काफी प्रयास किए. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2025 के अंत में चर्च के नेताओं से मुलाकात की.
अपने घोषणा पत्र में पार्टी ने ईसाइयों को “माइक्रो-माइनॉरिटी स्टेटस” और “कल्याण योजनाओं, स्कॉलरशिप और सामुदायिक विकास के लाभों तक बराबर पहुंच” देने का वादा किया.
इससे पहले 2017 में बीजेपी ने अल्फोंस कन्ननथनम को इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री और पर्यटन राज्य मंत्री बनाया था.
इसके बाद के वर्षों में बीजेपी ने अपने राज्य नेतृत्व में और ईसाई चेहरों को शामिल किया. 2024 में जॉर्ज कुरियन को केंद्रीय मंत्री बनाया गया, और राज्य में शोन जॉर्ज, अनूप एंटनी जोसेफ और जीजी जोसेफ को पद दिए गए.
2023 में बीजेपी ने ‘स्नेहा यात्रा’ जैसे बड़े कार्यक्रम चलाए, जिसमें घर-घर जाकर और चर्च के नेताओं से मिलकर संपर्क किया गया. इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसे बड़े नेता भी शामिल हुए.
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