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Tuesday, 11 June, 2024
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बीजेपी के दिल्ली प्रभारी बैजयंत पांडा बोले- सिसोदिया की गिरफ्तारी की इच्छा जल्द ही पूरी हो जाएगी

भाजपा दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर आप को घेरने की कोशिशों में जुटी है, जिन पर कुछ चुनिंदा लोगों को फायदा पहुंचाने वाली आबकारी नीति बनाने का आरोप है.

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नई दिल्ली: दिल्ली में कथित शराब घोटाले को लेकर हंगामा थमने का नाम नहीं ले रहा है. अब भारतीय जनता पार्टी के दिल्ली प्रभारी बैजयंत जय पांडा ने कहा है कि उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की गिरफ्तारी की इच्छा ‘जल्द ही पूरी हो जाएगी.’

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता पांडा ने दिप्रिंट से कहा, ‘मंत्री खुद को क्लीनचिट दे सकते हैं (जैसा चाहते हैं). जांच की एक प्रक्रिया होती है जिसका पालन करना पड़ता है. कुछ लोग ऐसी छवि बनाने की कोशिश कर रहे हैं कि उन्हें जानबूझकर घेरा जा रहा है. लेकिन ऐसा नहीं है. किसी भी सरकारी मशीनरी का कोई दुरुपयोग नहीं किया गया है.’

वह दिल्ली में अब वापस ली जा चुकी आबकारी नीति में अनियमितताओं के आरोपों के संबंध में बोल रहे थे. सिसोदिया पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने कुछ चुनिंदा लोगों को लाभ पहुंचाने वाली आबकारी नीति लागू की थी, हालांकि, उन्होंने और दिल्ली में सत्तारूढ़ उनकी आम आदमी पार्टी दोनों ने इन आरोपों को एकदम निराधार बताया है.

पांडा ने दिप्रिंट से कहा, ‘वास्तविकता यह है कि सबूतों की पुष्टि की जानी है, सबूतों का बैकअप लेना है और ऐसा किया जा रहा है. और आप तो जानते ही कि कि उनकी गिरफ्तारी की कितनी इच्छा है, तो मुझे यकीन है कि उनकी यह इच्छा जल्द ही पूरी हो जाएगी.’

पांडा ने यह टिप्पणी ऐसे समय पर की है, जब भाजपा साफ-सुथरे शासन को ही अपना प्रमुख चुनावी मुद्दा बनाने वाली आम आदमी पार्टी को भ्रष्टाचार के मुद्दे पर घेरने की कोशिशों में जुटी है. आप की तरफ से 6 सितंबर को दावा किया गया था कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पार्टी को क्लीन चिट दे दी है.

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15 सितंबर को, सिसोदिया ने भाजपा से कहा था कि वह इस मामले पर कथित स्टिंग को सीबीआई के साथ साझा करे और साथ ही एजेंसी को चुनौती दी थी कि अगर आरोप सही हैं तो वह उन्हें गिरफ्तार कर ले.

इस संदर्भ में वीडियो जारी करने वाली भाजपा का दावा है कि इसमें वह व्यक्ति दिख रहा है जो इस केस में दर्ज एफआईआर में नामित है और उसका कहना है कि दिल्ली सरकार ने जानबूझकर छोड़े खिलाड़ियों को दूर रखने के लिए अपने ‘मनमुताबिक’ आबकारी नीति बनाई ताकि कुछ खास लोगों को लाभ पहुंचाया जा सके.

पांडा, जो असम में पार्टी मामलों के प्रभारी भी हैं, ने दिप्रिंट से कई अन्य मुद्दों पर बात की, जैसे ‘आतंकवादी संबंधों’ पर मदरसों के खिलाफ असम सरकार की कार्रवाई और क्या आप राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा के संभावित विकल्प के तौर पर उभर सकती है.

‘खुद को क्लीन चिट दे रहे’

पांडा ने दावा किया कि मनीष सिसोदिया की पार्टी ने खुद को क्लीन चिट देने में ‘महारत’ हासिल कर ली है और ‘कई सालों से लोगों को बेवकूफ बनाने’ की कोशिश कर रही है.

उन्होंने कहा, ‘उन जगहों पर शराब की दुकानें खोलने की अनुमति कैसे दी गई, जिसकी जोनिंग लॉ में स्पष्ट तौर पर मनाही है? दिल्ली सरकार की तरफ से ब्लैक लिस्टेड कंपनियों को दिल्ली में शराब का कारोबार करने की अनुमति कैसे मिली?’

पांडा ने कहा, ‘मंत्री खुद को क्लीन चिट दे सकते हैं. लेकिन आपको तो पता ही होगा कि इसी तरह का रुख रखने वाले एक और मंत्री महीनों से जेल में हैं और अदालतें उन्हें जमानत नहीं दे रही हैं.’ उनका इशारा सत्येंद्र जैन की ओर था जो फिलहाल मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों में तिहाड़ जेल में हैं.


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असम में मदरसे और उन्हें ढहाने का अभियान

पांडा ने विपक्ष के इन आरोपों को पूरी तरह निराधार करार दिया कि असम में एक विशेष समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है.

मदरसों के खिलाफ असम सरकार के अभियान का बचाव करते हुए उन्होंने कहा, ‘किसी को भी अलगाववाद और आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए धार्मिक शिक्षा के स्थान का दुरुपयोग नहीं करना चाहिए. दुर्भाग्य से, असम में कुछ ऐसी जगहों का दुरुपयोग किया गया. इनमें कुछ लोगों के दो ऐसे आतंकवादी संगठनों के साथ सीधे लिंक का खुलासा हुआ है जिन्होंने भारत को निशाना बनाया और यहां हमले किए थे. असम में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में भाजपा की सरकार है.

1 सितंबर को, असम के बोंगाईगांव में जिला प्रशासन ने एक मदरसे को ध्वस्त कर दिया था—यह घटना मदरसे के एक शिक्षक को कथित तौर पर आतंकियों से संबंध के आरोप में गिरफ्तार किए जाने के कुछ दिनों बाद हुई.

कुछ इसी तरह की घटनाएं 29 अगस्त और 4 अगस्त को बारपेटा और मोरीगांव जिलों में भी हुई थीं.

हालांकि, पांडा ने इन्हें उचित ठहराया. लेकिन साथ ही दिप्रिंट से यह भी कहा कि इनका पूरे समुदाय से कोई जुड़ाव नहीं है.

उन्होंने कहा, ‘ये घटनाएं कुछ स्थान विशेष और व्यक्ति विशेष से जुड़ी हुई हैं. इन्हें पूरे समुदाय के खिलाफ होने के तौर पर नहीं समझा जाना चाहिए.’

उन्होंने कहा कि जहां भी ‘इस तरह के संगठनों’ के खिलाफ स्पष्ट सबूत हैं, वहां कार्रवाई की जानी चाहिए. उन्होंने कहा, ‘ऐसी गतिविधियां राष्ट्र के खिलाफ हैं. ये संविधान के खिलाफ हैं.’

आप की बढ़ती लोकप्रियता

आप की बढ़ती लोकप्रियता ने भाजपा के लिए खतरे की घंटी बजा दी है. 2013 में अपना पहला चुनाव लड़ने वाली अरविंद केजरीवाल की पार्टी ने दिल्ली में विधानसभा चुनाव दो बार निर्णायक बहुमत से जीता है—पहली बार 2015 में (70 विधानसभा सीटों में से 67 जीतीं), और फिर 2020 में (62 सीटों के साथ). इसने 2022 में पंजाब विधानसभा की 117 सीटों में से 92 पर जीत हासिल कर सरकार बनाई और इस साल के अंत में गुजरात और हिमाचल विधानसभा चुनाव लड़ने जा रही है.

केजरीवाल दोनों राज्यों का दौरा करते रहे हैं और उन्हें दोनों राज्यों में अच्छे प्रदर्शन का पूरा भरोसा है.

यह पूछे जाने पर कि क्या आप की बढ़ती लोकप्रियता से भाजपा परेशान है? पांडा ने कहा—कतई नहीं

उन्होंने कहा, ‘भाजपा ऐसे ही दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी नहीं बन गई है. यह दुनियाभर में ख्यात नेतृत्व के अधीन चार पीढ़ियों से अधिक समय से काम करती रही है. हमारे मौजूदा नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बार-बार दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता के तौर पर स्वीकारा जाता है. उन्होंने भारत को पहले से कहीं अधिक स्वीकार्यता के साथ और अधिक प्रभाव के साथ विश्व मंच पर पहुंचाया है.’

आप को लेकर उनका दावा है कि यह ‘एक के बाद एक बोले गए झूठ’ के आधार पर बनी पार्टी है.

पांडा ने आगे कहा, ‘और किसी भी स्थिति में भरोसमंद पार्टी नहीं है. उसके सभी झूठों का पर्दाफाश होना है और वे बेनकाब हो भी रहे हैं.’

पांडा ने कहा कि भाजपा ने बार-बार चुनावी जीत दर्ज की है और स्थानीय स्तर पर उसका जनाधार बेहद मजबूत है.

उन्होंने दिप्रिंट से कहा, ‘मौजूदा सरकार ने तमाम तरह की मुफ्त रेवडियां बांटने का सहारा लिया है. ये कुछ उसी तरह है जैसी नीतियां श्रीलंका के पतन का कारण बनीं, या जिस तरह की नीतियों के कारण कई अन्य देशों को गंभीर स्थितियों का सामना करना पड़ा है. उन्हें दिल्ली के भविष्य की कोई परवाह नहीं है. वे दिल्ली के नागरिकों के भविष्य की चिंता नहीं करते.’

पांडा ने कहा, ‘वे खुद को सत्ता में रखने के लिए राज्य सरकार में अपने अधिकार का दुरुपयोग करना चाहते हैं. इसलिए, हम इसका मुकाबला करेंगे और इसका मुकाबला करने के लिए हम उचित नीतियों का ही सहारा ले रहे जो ऐसे लोगों की मदद करने वाली हैं जिन्हें वास्तव में मदद की जरूरत है. लेकिन हम चुनाव जीतने के लिए राज्य सरकार के धन का बेवजह दुरुपयोग नहीं कर रहे है, जैसा कि वे कर रहे हैं.’

भाजपा और आप दोनों में मुफ्त सुविधाएं देने को लेकर आरोप-प्रत्यारोप जारी है.

पांडा ने आप पर नगरपालिका चुनावों के लिए ‘राज्य की नीतियों और राज्य के खजाने के दुरुपयोग’ करने का आरोप भी लगाया.

उन्होंने दिप्रिंट से कहा कि भाजपा को कोई डर नहीं है.

उन्होंने कहा, ‘हमारी स्थिति देखिए. वोट शेयर को देखिए.’ पांडा ने आप के इस आरोप कि भाजपा हार के डर से दिल्ली के म्यूनिसिपल इलेक्शन नहीं करा रही है, को खारिज करते हुए कहा, ‘हां, हम पिछली बार राज्य का चुनाव जरूर हार गए थे लेकिन हमारा वोट शेयर बढ़ता रहा है. और हमने दिल्ली में लोकसभा की सभी सात सीटों पर जीत हासिल की है.

(इस खबर को अंग्रेजी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.)


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