scorecardresearch
Wednesday, 31 May, 2023
होमलास्ट लाफबाइडन अरुणाचल प्रदेश में 'चीन के गांव' के बारे में ग़लत हैं और ज्ञान के पेड़ को मिला पद्मश्री

बाइडन अरुणाचल प्रदेश में ‘चीन के गांव’ के बारे में ग़लत हैं और ज्ञान के पेड़ को मिला पद्मश्री

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सबसे अच्छे कार्टून.

Text Size:

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चयनित कार्टून पहले अन्य प्रकाशनों में प्रकाशित किए जा चुके हैं. जैसे- प्रिंट मीडिया, ऑनलाइन या फिर सोशल मीडिया पर.

आज के फीचर कार्टून में मंजुल भारतीय मीडिया और पीएम नरेंद्र मोदी की आलोचना कर रहे हैं क्योंकि अमेरिकी कांग्रेस में पेंटागन की रिपोर्ट में चीन के अरुणाचल प्रदेश के विवादित क्षेत्र में 100 घरों का एक गांव बनाने की ख़बर भारतीय मीडिया से नदारद रही.

सतीश आचार्या | Twitter/@satishacharya

सतीश आचार्या पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित हरिकेला हजब्बा का जिक्र कर रहे हैं जो मंगलौर में संतरे बेचने का काम करते हैं. उन्होंने रोजाना 150 रुपए कमा कर हजारों वंचित बच्चों की पढ़ाई के लिए एक प्राइमरी स्कूल खोला.

नला पोनप्पा | Twitter/@PonnappaCartoon

हाल ही में संयुक्त राष्ट्र COP26 शिखर सम्मेलन को देखते हुए नाला पोनप्पा एक ऐसे डायस्टोपियन भविष्य की कल्पना कर रहे हैं जिसमें इंद्रधनुष अपने ज्यादा रंग खो चुका हो.

आर. प्रसाद | Economic Times

आर. प्रसाद भी जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर रोशनी डाल रही हैं और उन व्यवसायों पर तंज़ कस रहे हैं जो इसे कम करने के लिए गंभीर कदम नहीं उठा रहे हैं.

अच्छी पत्रकारिता मायने रखती है, संकटकाल में तो और भी अधिक

दिप्रिंट आपके लिए ले कर आता है कहानियां जो आपको पढ़नी चाहिए, वो भी वहां से जहां वे हो रही हैं

हम इसे तभी जारी रख सकते हैं अगर आप हमारी रिपोर्टिंग, लेखन और तस्वीरों के लिए हमारा सहयोग करें.

अभी सब्सक्राइब करें

कीर्तिश भट्ट | BBC News Hindi

कीर्तिश भट्ट दिखा रहे हैं कि दो एटीएम एक दूसरे के साथ 8 नवंबर 2016 की खौफनाक यादें साझा कर रहे हैं. इस दिन पीएम नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी की घोषणा की थी.

(इन कार्टून्स को अंग्रेज़ी में देखने के लिए यहां क्लिक करें)

share & View comments