कोलकाता, 29 अप्रैल (भाषा) दक्षिण कोलकाता स्थित पश्चिम बंगाल लोक सेवा आयोग (डब्ल्यूबीपीएससी) के दफ्तर के बाहर शुक्रवार को, अनियमितताओं के आरोप को लेकर प्रदर्शन कर रहे करीब सौ प्रतिभागियों की पुलिस के साथ झड़प हुई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि झड़प तब शुरू हुई जब मुदियाली इलाके में स्थित डब्ल्यूबीपीएससी के कार्यालय में घुसने की कोशिश कर रहे प्रतिभागियों को पुलिस ने रोकने की कोशिश की। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि वे छह साल से नियुक्ति–पत्र का इंतजार कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई जिसके बाद वहां खड़े पुलिस के वाहनों में प्रदर्शनकारियों को बैठा दिया गया।
पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि करीब 20 प्रदर्शनकारियों को पुलिसकर्मियों पर हमले के आरोप में हिरासत में लिया गया है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि भीषण गर्मी के दौरान धक्का-मुक्की में तीन-चार लोग बीमार हो गए।
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले छह वर्षों में आधिकारिक पैनल में नाम आने के बावजूद किसी भी योग्य उम्मीदवार को नियुक्ति नहीं मिली।
पश्चिम बंगाल के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री रतिन घोष ने कहा कि सरकार डब्ल्यूबीपीएससी द्वारा भेजे गए पैनल के आधार पर काम करती है। उन्होंने कहा, ‘‘एक प्रक्रिया है और हम इससे बाहर जा कर काम नहीं कर सकते हैं । बेरोजगारों के प्रति हमारी पूरी सहानुभूति है।’’
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा कि राज्य सरकार ने राज्य के शिक्षित युवाओं को असहनीय स्थिति में धकेल दिया है।
उन्होंने दावा किया कि ममता बनर्जी सरकार भर्ती प्रक्रिया में देरी कर रही है क्योंकि यह आर्थिक तौर पर दिवालिया हो चुकी है।
भाषा
रंजन मनीषा
मनीषा
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