Sunday, 3 July, 2022
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आंध्र प्रदेश : जगनमोहन रेड्डी सरकार ने राज्य में सीबीआई की एंट्री को इजाजत दी

यह कदम उस समय आया है जब विपक्षी दल भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर राजनीतिक लाभ के लिए जांच एजेंसी के दुरुपयोग करने का आरोप लगाते रहे हैं.

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अमरावती (आंध्र प्रदेश): राज्य में जगनमोहन रेड्डी की नई सरकार ने पहले की एन चंद्रबाबू नायडू की सरकार का फैसला पलट दिया है. अब सीबीआई को भ्रष्टाचार के मामलों की जांच की अनुमति फिर से मिल गई है.

वाईएसआरसीपी नेता विजयसाई रेड्डी ने लगातार किए अपने ट्वीट में कहा है, ‘चंद्रबाबू ने सीबीआई और आईटी छापे पर प्रतिबंध लगाया था. उन्होंने सवाल किया कि ईडी राज्य में कैसे आता है. अब जगन ने सीबीआई को राज्य में अनुमति देने के आदेश जारी किए हैं. उन्होंने कहा कि सीएम ने स्पष्ट किया है कि चोरों को बख्शा नहीं जाएगा. ‘यह फैसला एन चंद्रबाबू नायडू की अगुवाई वाली पिछली सरकार के बाद आया है जिसने पिछले साल नवंबर में आंध्र प्रदेश में केंद्रीय प्रतिष्ठानों पर छापेमारी करने और जांच करने के लिए सीबीआई से ‘आम सहमति’ वापस ले ली थी.’

यह कदम उस समय आया जब विपक्षी दल भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर राजनीतिक लाभ के लिए जांच एजेंसी का दुरुपयोग करने का आरोप लगाते रहे हैं. सीबीआई के कामकाज को नियंत्रित करने वाले 1946 के दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना अधिनियम के अनुसार, जांच एजेंसी दिल्ली पर पूरा अधिकार रखने और सरकार की सामान्य सहमति के साथ अन्य राज्यों में प्रवेश करती है.

इस बीच, रेड्डी ने कहा कि राज्य का शिक्षा ढांचा एक बदलाव का गवाह बनेगा जिसमें शनिवार को ‘नो-बैग्स डे’ होगा और खेल और अन्य सह-पाठयक्रम गतिविधियों को पेश किया जाएगा.

उन्होंने कहा, ‘स्कूली शिक्षा की अवधारणा जगन के शासन के तहत एक क्रांतिकारी बदलाव से गुजरेगा. शनिवार को कोई बैग का दिन नहीं होगा. खेल और मनोवैज्ञानिक विकास कार्यक्रम पेश किए जाएंगे. मध्यान्ह भोजन में पौष्टिक आहार होगा. मिड-डे मील स्टाफ का वेतन 1,000 रुपये से 3,000 रुपये तक होगा. यह मानवता का नियम है.’

राज्य में शराब की बिक्री पर, रेड्डी ने कहा, ‘जगन ने आदेश दिया है कि एक भी बेल्ट की दुकान नहीं होनी चाहिए. उन्होंने बेल्ट की दुकानों से शराब की आपूर्ति करने पर शराब की दुकानों के लाइसेंस को रद्द करने का आदेश दिया है. यह एक महत्वाकांक्षी निर्णय है. चंद्रबाबू सरकार ने शराब लॉबी के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था और हर गली मोहल्ले में ऐसी दुकानें खोल दी थीं.’

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