नयी दिल्ली, 30 दिसंबर (भाषा) केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने मंगलवार को कहा कि भारत में युवाओं से परंपरा और आधुनिकता के बीच किसी एक को चुनने के लिए नहीं कहा जाता, बल्कि यह अपेक्षा की जाती है कि वे दोनों को आत्मविश्वास व जिम्मेदारी के साथ निभाएं।
प्रधान ने तमिलनाडु के रामेश्वरम में काशी तमिल संगमम के समापन समारोह में यह टिप्पणी की।
उन्होंने कहा, “भारत अपने युवाओं से परंपरा और आधुनिकता के बीच चयन करने को नहीं कहता। वह चाहता है कि वे दोनों को आत्मविश्वास और जिम्मेदारी के साथ निभाएं और यही पीढ़ी भारत की यात्रा को आगे बढ़ाएगी।”
वार्षिक कार्यक्रम का उद्देश्य तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश के काशी के बीच सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत बनाना है।
भाषा जोहेब संतोष
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