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Thursday, 15 January, 2026
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संतों की रचनाओं का सभी भाषाओं में अनुवाद किया जाना चाहिए: मोहन भागवत

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नागपुर(महाराष्ट्र), 15 फरवरी (भाषा) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने बुधवार को कहा कि संत ज्ञानेश्वर जैसे भक्त-कवि की रचनाओं का सभी भाषाओं में अनुवाद किया जाना चाहिए।

संत ज्ञानेश्वर की रचना ज्ञानेश्वरी का संस्कृत में अनुवाद करने को लेकर कवि कुलगुरु कालिदास संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ मधुसूदन पेन्ना के अभिनंदन कार्यक्रम में उन्होंने यह कहा।

भागवत गीता पर 13वीं सदी की टीका ज्ञानेश्वरी मराठी की पहली बड़ी कृतियों में एक है।

आरएसएस प्रमुख ने कहा, ‘‘हमारे संतों के विचारों का सभी भाषाओं में अनुवाद किया जाना चाहिए क्योंकि यह देश की एकता के लिए उपयोगी हैं।’’

भाषा सुभाष माधव

माधव

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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