(तस्वीरों के साथ)
गुवाहाटी, तीन फरवरी (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि वंचित और पिछड़े वर्गों को राष्ट्र के विकास के लिए सरकार के प्रयासों में प्राथमिकता दी जाएगी।
मोदी ने असम के बारपेटा जिले में ‘कृष्णगुरु एकनाम अखंड कीर्तन’ में अपने डिजिटल संबोधन के दौरान यह भी कहा कि महिलाओं को सशक्त करने के लिए केंद्रीय बजट 2023-24 में महिलाओं की बचत पर ब्याज दर बढ़ाने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं।
उन्होंने कहा, “महिलाओं की आय को उनके सशक्तिकरण का साधन बनाने के लिए महिला सम्मान बचत प्रमाणपत्र शुरू किया गया है। महिलाओं को आय पर विशेष रूप से ऊंची ब्याज दर का फायदा मिलेगा।”
प्रधानमंत्री ने कहा, “बजट में ऐसे कई प्रावधान हैं जिससे असम, नगालैंड, त्रिपुरा और मेघालय जैसे पूर्वोत्तर राज्यों की मिलाओं को व्यापक रूप से फायदा होगा और उनके लिए नए अवसर बनेंगे।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि असम और पूर्वोत्तर दशकों से संपर्क (कनेक्टिविटी) और विकास से “वंचित” थे, लेकिन पिछले आठ वर्षों के दौरान सरकार ने क्षेत्र के कल्याण पर ध्यान केंद्रित किया है।
मोदी ने कहा, “बजट में बेहतर पर्यटन सुविधाओं, आधुनिक बुनियादी ढांचे, डिजिटल संपर्क के लिए प्रावधान किए गए हैं और इनसे पूर्वोत्तर के लोगों को बहुत लाभ होगा।”
उन्होंने यह भी कहा कि 50 पर्यटन स्थलों का विकास और उन्नयन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र के कारीगरों के पारंपरिक कौशल को अब विश्व स्तर पर पहचाना जा रहा है और केंद्र सरकार प्रत्येक राज्य में एक ‘यूनिटी मॉल’ स्थापित करेगी, जहां पारंपरिक उत्पादों को प्रदर्शित किया जाएगा।
मोदी ने कहा कि क्षेत्र के ऐसे उत्पादों को महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों पर भी प्रदर्शित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि देश पारंपरिक कारीगरों के कौशल को बढ़ाने के लिए ‘प्रधानमंत्री विश्वकर्मा कौशल योजना’ शुरू कर रहा है।
प्रधानमंत्री ने सफेद और हरे रंग का एक ‘गमोसा’ (गमछा) धारण किया हुआ था। उन्होंने कहा कि पिछले आठ वर्षों में हस्तनिर्मित पारंपरिक गमोसे की मांग बढ़ी है।
मोदी ने कहा, ‘‘स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के तहत संगठित लाखों महिलाएं इन्हें बुन रही हैं। प्रत्येक ‘गमोसा’ को बुनने में असम की महिलाओं ने कड़ी मेहनत की है।”
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि पीएम आवास योजना आवंटन को बढ़ाकर 70,000 करोड़ रुपये कर दिया गया है, और इस योजना के तहत बनाए गए अधिकांश आवास घर की महिलाओं के नाम पर हैं।
कृष्णगुरु सेवाश्रम में छह जनवरी से शुरू हुआ कीर्तन महीने भर चलेगा।
भाषा
प्रशांत पवनेश
पवनेश
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
