scorecardresearch
Friday, 16 January, 2026
होमदेशकेंद्र की ‘जनविरोधी’ नीतियों के खिलाफ राष्ट्रव्यापी स्तर पर लोगों को लामबंद करेंगे : माकपा

केंद्र की ‘जनविरोधी’ नीतियों के खिलाफ राष्ट्रव्यापी स्तर पर लोगों को लामबंद करेंगे : माकपा

Text Size:

नयी दिल्ली, 16 जनवरी (भाषा) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की केंद्रीय समिति ने शुक्रवार को भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के ‘‘कृषि-मजदूर विरोधी, किसान-विरोधी, श्रमिक-विरोधी, जन-विरोधी’’ कानूनों और नीतियों के खिलाफ तब तक लोगों को लामबंद करने का संकल्प लिया जब तक कि वे सभी निरस्त नहीं हो जाते। पार्टी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

माकपा ने यहां जारी एक बयान में कहा कि केंद्रीय समिति के सदस्यों ने तिरुवनंतपुरम में आयोजित तीन दिवसीय बैठक के बाद यह संकल्प लिया।

बयान के मुताबिक माकपा नेताओं ने 16 जनवरी 2026 को जनता के साथ खड़े होने और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग)सरकार के सभी कृषि-मजदूर विरोधी, किसान-विरोधी, श्रमिक-विरोधी और जन-विरोधी कानूनों और नीतियों का एकजुट होकर तब तक विरोध करने का संकल्प लिया, जब तक कि ये सभी निरस्त नहीं हो जाते।

इसमें कहा गया है, ‘‘हम जनता की एकता के लिए काम करने और जनहितैषी कानून और नीतियां सुनिश्चित करने का संकल्प लेते हैं, जो जनता के बुनियादी अधिकारों और सम्मानजनक जीवन को सुनिश्चित करें। हम इस लक्ष्य को हासिल करने तक निरंतर एकजुट अखिल भारतीय संघर्ष करने का संकल्प लेते हैं।’’

कई किसान संगठानों के मंच संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने एक बयान में दावा किया कि शुक्रवार को उसके आह्वान पर देश भर में किसानों, कृषि श्रमिकों, ग्रामीण श्रमिकों और कामकाजी लोगों की बड़े पैमाने पर भागीदारी और लामबंदी देखी गई। एसकेएम ने 2020-21 में तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया था।

एसकेएम ने कहा कि पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, तेलंगाना, गुजरात, राजस्थान, केरल, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल जैसे कई राज्यों में शपथ ग्रहण कार्यक्रम, विरोध प्रदर्शन, बैठकें और प्रदर्शन सफलतापूर्वक आयोजित किए गए, जिनमें गांव और जिला स्तर पर उत्साहपूर्ण भागीदारी रही।

एसकेएम ने कहा, ‘‘इस अवसर पर, किसानों और मेहनतकश लोगों ने सामूहिक रूप से भाजपा के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन(राजग) सरकार की किसान विरोधी, मजदूर विरोधी और कॉरपोरेट समर्थक नीतियों के खिलाफ एकजुट संघर्ष जारी रखने का नव वर्ष का संकल्प लिया।’’

भाषा धीरज प्रशांत

प्रशांत

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments