(राधिका शर्मा)
नयी दिल्ली, 10 फरवरी (भाषा) फिल्मकार विनय शुक्ला का कहना है कि जाने माने पत्रकार रवीश कुमार की एनडीटीवी पर नियमित दिनचर्या पर आधारित उनका वृत्तचित्र ‘व्हाइल वी वॉच्ड’ ‘एकाकीपन’ को खंगालता है और चैनल से उनके इस्तीफे के बाद यह ‘अधिक सामयिक’ हो गया है।
शुक्ला को ‘ एन इन्सिग्निफिकेन्ट मैन’ वृत्तचित्र के लिए जाना जाता है। यह वृत्तचित्र दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के अंतर्गत आम आदमी पार्टी के उदय पर आधारित है।
रायपुर में जन्मे निर्देशक ने पीटीआई-भाषा से एक साक्षात्कार में कहा, “ मेरी फिल्म सिर्फ रवीश के एकाकीपन को लेकर नहीं है, बल्कि यह मुख्यधारा के खिलाफ जाने पर लोगों को जिस तरह के एकाकीपन का सामना करना पड़ता है, यह उस बारे में है। यह फिल्म पहले से ज्यादा सामयिक हो गई है।”
रवीश कुमार एनडीटीवी के साथ करीब तीन दशक तक जुड़े रहे। उन्होंने अडाणी समूह द्वारा एनडीटीवी के अधिग्रहण प्रक्रिया के दौरान पिछले साल नवंबर में चैनल से इस्तीफा दे दिया। इससे पहले चैनल के संस्थापक प्रणय रॉय और राधिका रॉय ने भी इसके बोर्ड से त्याग पत्र दे दिया था।
शुक्ला ने कहा कि यह फिल्म इस बारे में नहीं है कि रवीश कुमार एनडीटीवी में क्यों हैं या उन्हें क्यों नहीं होना चाहिए था, बल्कि यह उस एकाकीपन और उन कठिनाइयों के बारे में है जो व्यक्ति को अपने करियर में अपने द्वारा चुने गए विकल्पों की वजह से झेलनी पड़ती हैं।
उन्होंने कहा कि आज कई पत्रकारों पर पक्षपाती होने का आरोप लगाया जाता है और वह अपने वृत्तचित्र में ‘एक उत्तम पत्रकार’ की तलाश में नहीं थे।
शुक्ला ने कहा, ‘‘ मैं न्यूज़ रूम के अनदेखे कामकाज पर से पर्दा उठाना चाहता था। लोगों के पास इस बारे में बहुत कम जानकारी है कि न्यूज़रूम अंदर से कैसे काम करते हैं। यह फिल्म पत्रकारिता की प्रक्रिया को मानवीय जामा पहनाने की कोशिश भी है। जब आप व्यवस्था को समझते हैं, आपके पास जानकारी होती है जो हमें सजग बनाती है।”
उन्होंने कहा, “ सबसे पहले, जब तक हमारे पास समाचार संगठन के अंदर पत्रकारों के लिए बेहतर व्यवस्था नहीं होगी, तब तक हमारे पास बेहतर पत्रकारिता नहीं हो सकती। दूसरे, जटिल समस्याओं की इस दुनिया में हमें ऐसे पत्रकारों की जरूरत है जो जटिलताओं में प्रशिक्षित हों।”
‘व्हाइल वी वॉच्ड’ का हिंदी शीर्षक ‘नमस्कार, मैं रवीश कुमार’ है। इसका प्रदर्शन 2022 में टोरंटो अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में किया गया था जहां 92 मिनट की इस फिल्म ने ‘ऐम्प्लिफाइ वाइसेज़ अवॉर्ड’ जीता था। बाद में इसने 2022 बूसान फिल्म महोत्सव में ‘सिनेफिले पुरस्कार’ भी प्राप्त किया था।
भाषा नोमान नरेश
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