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Thursday, 1 October, 2026
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कैप्टन स्मित मच्छर ने कॉकपिट की ज़िंदगी और पायलटों के काम के बारे में क्या कहा था

Flydubai की फ्लाइट में 180 लोगों की जान बचाने के लिए कैप्टन स्मित मच्छर की हीरो के तौर पर तारीफ हो रही है.

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नई दिल्ली: करीब एक साल पहले एक पॉडकास्ट में कैप्टन स्मित मच्छर ने जो बातें कही थीं, शायद उन्होंने खुद भी नहीं सोचा होगा कि Flydubai की फ्लाइट में उनके साथ ऐसा कुछ होगा.

इंटरव्यू में उन्होंने पायलटों की ज़िंदगी और कॉकपिट के अंदर की दुनिया के बारे में भी बात की थी. उन्होंने कहा, “यह उतना ग्लैमरस नहीं है. हमारा मेजर काम निगरानी रखना है. जब हम बात कर रहे होते हैं तो ज्यादातर समय हम एक-दूसरे को नहीं देख रहे होते. हम कोशिश करते हैं कि बहुत गहरी बातचीत में न जाएं क्योंकि जब आप गहरी बातचीत में चले जाते हैं, तो आपका ध्यान काम से हट जाता है.”

Flydubai की फ्लाइट में 180 लोगों की जान बचाने के लिए हीरो बताए जा रहे कैप्टन मच्छर ने तब जून 2025 में अहमदाबाद में दुर्घटनाग्रस्त हुए एयर इंडिया विमान के कैप्टन और फर्स्ट ऑफिसर के समर्थन में बात की थी.

उन्होंने पिछले साल CS ज़लक मेहता के साथ एक इंटरव्यू में कहा था, “पहले असली जांच सामने आने दीजिए. अगर उनकी गलती है, तो उन्हें दोष दीजिए, लेकिन पहले पता लगाइए कि गलती क्या हुई. क्या विमान में समस्या थी? क्या इंजीनियरिंग में समस्या थी? क्या पायलटों की गलती थी? तब तक मेरे समुदाय को दोष मत दीजिए, नहीं, ऐसा नहीं हो सकता.”

मुंबई में रहने वाले भारतीय पायलट मच्छर ने Flydubai से जुड़ने से पहले 11 साल SpiceJet के साथ काम किया था. बुधवार को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट में उनके को-पायलट ने कथित तौर पर विमान का कंट्रोल लेने और उसे क्रैश करने की कोशिश में उन पर चाकू से हमला कर दिया. गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद मच्छर ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाबी हासिल की. इससे यात्रियों और क्रू को हमलावर को काबू करने में मदद मिली और एक संभावित बड़े हादसे को टालने में मदद हुई.

उनके इस काम की खबर फैलने के बाद भारत और इज़रायल से उन्हें तारीफ मिलने लगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी उनके साहस की तारीफ की.

‘एविएशन में किस्मत की बात नहीं होती’

स्मित ने 2011 में कमर्शियल फ्लाइट उड़ाना शुरू किया था. बचपन से ही विमान उड़ाना उनका सपना था. उनकी पहली फ्लाइट बेंगलुरु से दिल्ली की थी.

पॉडकास्ट इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि शुरुआत में उन्हें डर लगा था. यह डर “उड़ान भरने की वजह से नहीं, बल्कि जिम्मेदारी की वजह से” था.

ट्रेनिंग का समय पूरा करने और प्रोबेशन पर एयरलाइन की फ्लाइट उड़ाने का ख्याल उन्हें डरावना लगता था. हालांकि, फ्लाइट के आधे घंटे बाद उनका डर एक अच्छे अनुभव में बदल गया.

स्मित ने कई साल तक विमान उड़ाने के अपने अनुभव के बारे में खुलकर बात की. उन्होंने Boeing विमान उड़ाने और 737 Max विमानों के क्रैश के बारे में भी बात की.

उन्होंने कहा, “ऐसे समय भी आए जब मुझे यकीन नहीं था कि मैं अपने माता-पिता या अपनी पत्नी को Max में सफर करने दूंगा.” उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने अपने माता-पिता से Boeing विमान उड़ाने की बात छिपाई थी.

उन्होंने कहा, “कोई भी क्रैश हो, आप पायलट हों या न हों, यह जान जाने का नुकसान है.”

स्मित ने कहा था कि जांच सामने आने से पहले ही लोग अपनी तरफ से अनुमान लगाने लगते हैं, जो उन्हें अजीब लगता था.

2025 के अहमदाबाद विमान हादसे को लेकर भी मच्छर ने कहा था, “आपको लगता है कि उन लोगों ने अपनी जान बचाने के लिए कोशिश नहीं की होगी?” उन्होंने यह सवाल किया था.

एक घंटे से ज्यादा लंबे पॉडकास्ट में उन्होंने कहा कि पायलटों को तुरंत दोष देना सही नहीं है.

उन्होंने कहा, “‘ओह, पायलट को यह करना चाहिए था’ — पहले असली जांच सामने आने दीजिए. अगर उनकी गलती है, तो उन्हें दोष दीजिए. लेकिन पहले पता लगाइए कि गलती क्या हुई. क्या विमान में समस्या थी? क्या इंजीनियरिंग में समस्या थी? क्या पायलटों की गलती थी? या फिर यह सिर्फ खराब किस्मत थी? मेरा मतलब है, एविएशन में यह किस्मत की बात नहीं है.”

Air India एक मशहूर एयरलाइन है

स्मित ने कभी एयर इंडिया की फ्लाइट नहीं उड़ाई है, लेकिन हादसे के बाद उन्होंने एयर इंडिया की फ्लाइट से सफर किया था. उन्होंने माना कि हादसे के बाद लोगों के मन में डर हो सकता है, लेकिन उन्होंने कहा, “इसका मतलब यह नहीं है कि आप एयर इंडिया से उड़ना बंद कर दें. जब मैं घर वापस आ रहा था, तब मेरी आखिरी फ्लाइट एयर इंडिया की थी.”

उन्होंने कहा कि एयर इंडिया एक मशहूर एयरलाइन है.

उन्होंने कहा, “तो क्या सिर्फ एक हादसे के बाद अचानक हमारे देश की मशहूर एयरलाइन असुरक्षित हो जाती है?”

उन्होंने आगे कहा, “लोगों को यह समझना होगा कि हर बार विमान बिल्कुल सही हालत में नहीं हो सकता और फिर भी वह सुरक्षित तरीके से उड़ सकता है. सुरक्षित, यही शब्द जरूरी है.”

इंटरव्यू में उन्होंने कॉकपिट के अंदर की जिंदगी के बारे में भी बात की. उन्होंने कहा, “कोई बेकार की बात नहीं. बस अपना काम करो, काम पूरा करो. और जब कॉकपिट से बाहर निकलो, तो बस खत्म. उसके बारे में सोचना बंद कर दो.”

अपने करियर के शुरुआती सालों में मच्छर सोते नहीं थे. उन्होंने कहा, “मैं कहीं नहीं जाना चाहता था. बस उड़ान भरना चाहता था.” शादी के बाद उनकी ज़िंदगी थोड़ी बदली, लेकिन जब वह यूनिफॉर्म पहनते थे, तो उनकी नींद फिर गायब हो जाती थी.

स्मित चाहते थे कि उनकी बेटी भी एविएशन में आए, लेकिन उन्होंने कहा, “यह उन्हें आगे बढ़ाने का समय नहीं है.”

उन्होंने कहा, “क्या आप सच में किसी ऐसे व्यक्ति पर दबाव डालना चाहते हैं, जिसे चीजें समझने में थोड़ा ज्यादा समय लगता है? इसके बजाय उन्हें थोड़ा समय दीजिए.”

स्मित इस समय सऊदी अरब के तबुक में ठीक हो रहे हैं.

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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