भोपाल, आठ जनवरी (भाषा) इंदौर में दूषित जल पीने के बाद फैले प्रकोप में लोगों की मौत और इस सिलसिले में मीडिया में की गई टिप्पणी को लेकर विवादों में घिरे मध्यप्रदेश के नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बृहस्पतिवार को यहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कार्यालय में संगठन महासचिव हितानंद शर्मा से चर्चा की।
दोनों नेताओं के बीच यह चर्चा पार्टी कार्यालय के बीचोंबीच स्थित हरे-भरे घास के मैदान में मीडियाकर्मियों और कैमरों की भारी मौजूदगी में हुई। इस दौरान चारों ओर सुरक्षाकर्मियों का घेरा भी मौजूद रहा।
आमतौर पर मीडिया से घिरे रहने वाले विजयवर्गीय ने शर्मा से मुलाकात के बाद न तो पत्रकारों से कोई बात की और ना ही किसी सवाल का जवाब दिया।
इस बारे में जब पार्टी नेताओं से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि विजयवर्गीय मंत्रियों के उस नियमित कार्यक्रम के तहत प्रदेश कार्यालय पहुंचे थे, जिसमें वे कार्यकर्ताओं की समस्याएं सुनते हैं।
उन्होंने कहा कि विजयवर्गीय ने भी इसी के तहत कार्यकर्ताओं की समस्याएं सुनीं।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभालने के बाद हेमंत खंडेलवाल ने यह व्यवस्था बनाई है कि प्रत्येक दिन कोई न कोई मंत्री प्रदेश कार्यालय में बैठेगा और कार्यकर्ताओं की समस्याएं सुनेगा।
उल्लेखनीय है कि इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र के दूषित पेयजल कांड को लेकर कैमरे पर आपत्तिजनक शब्द का इस्तेमाल कर विजयवर्गीय विवादों में घिर गए थे।
राजनीतिक और सोशल मीडिया मंचों पर तीखी आलोचनाएं झेलने के बाद उन्होंने इसके लिए खेद भी जताया था।
भागीरथपुरा, विजयवर्गीय के विधानसभा क्षेत्र ‘इंदौर-1’ में आता है।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने के कारण डायरिया के प्रकोप से अब तक छह लोगों की मौत हुई है, जबकि स्थानीय लोगों ने 17 लोगों की मौत का दावा किया है।
इस बीच, इंदौर कलेक्टर ने 18 पीड़ित परिवारों को दो-दो लाख रुपये का मुआवजा वितरित किया।
भाषा ब्रजेन्द्र नोमान
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