नयी दिल्ली, नौ जनवरी (भाषा) उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ बुधवार को राजस्थान की राजधानी जयपुर में आयोजित होने वाले अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों के 83वें सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करेंगे।
उपराष्ट्रपति सचिवालय की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक, इस सम्मेलन में संविधान की भावना के अनुरूप विधायिका और न्यायपालिका के बीच सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखने की आवश्यकता सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होगी।
यह चर्चा ऐसे समय में होगी, जब उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालयों में न्यायाधीशों की नियुक्ति की कॉलेजियम प्रणाली पर देश में बहस हो रही है।
अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन, भारत के विधायी निकायों की सर्वोच्च संस्था है, जिसने 2021 में अपनी स्थापना के सौ वर्ष पूर्ण किए। इस अवसर पर शिमला में आयोजित 82वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संबोधित किया था।
पीठासीन अधिकारियों का पहला सम्मेलन भी 1921 में शिमला में ही आयोजित हुआ था। यह सम्मेलन चौथी बार जयपुर में आयोजित किया जा रहा है।
बयान में कहा गया कि 83वें सम्मेलन में समकालीन प्रासंगिक विषयों पर एक-दिवसीय विचार-विमर्श किया जाएगा।
सचिवालय के मुताबिक, सम्मेलन में जिन विषयों पर चर्चा की जाएगी उनमें जी- 20 को नेतृत्व प्रदान करने में लोकतंत्र के जनक के रूप में भारत की भूमिका, संसद और विधानसभाओं को अधिक प्रभावी, जवाबदेह और सार्थक बनाने की आवश्यकता, प्रदेश की विधानसभाओं को डिजिटल संसद से जोड़ना और संविधान में निहित भावना के अनुरूप विधायिका तथा न्यायपालिका के बीच सौहार्दपूर्ण संबंध शामिल हैं।
इस अवसर पर एक पुस्तक-प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया जाएगा। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश तथा देशभर की विधानसभाओं के पीठासीन अधिकारियों के इस सम्मेलन में भाग लेने की संभावना है।
इस सम्मेलन के साथ ही विधानसभाओं के सचिवों का 59वां सम्मेलन 10 जनवरी को जयपुर के ही एक होटल में आयोजित किया गया है।
भाषा ब्रजेन्द्र ब्रजेन्द्र दिलीप
दिलीप
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