देहरादून, 26 अगस्त (भाषा) उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चमोली जिले के थराली में 22 अगस्त को आई आपदा के कारणों का अध्ययन करने के लिए विशेषज्ञों के दल को थराली भेजने के निर्देश दिए हैं।
प्रदेश के आपदा प्रबंधन और पुनर्वास सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि मुख्यमंत्री ने कहा है कि उत्तरकाशी जिले के धराली की तरह ही थराली में घटित आपदा का व्यापक सर्वेक्षण कर यह पता लगाया जाना जरूरी है कि हिमालयी क्षेत्र में इस तरह ही घटनाएं क्यों घटित हो रही हैं तथा इतना मलबा क्यों और कैसे पानी के साथ बहकर नीचे आ रहा है।
सुमन ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण, वाडिया हिमालय भू-विज्ञान संस्थान, राष्ट्रीय जलविज्ञान संस्थान, उत्तराखंड भूस्खलन न्यूनीकरण एवं प्रबन्धन केन्द्र, केन्द्रीय जल आयोग तथा प्रदेश के सिंचाई विभाग के विशेषज्ञ जल्द ही थराली का दौरा करेंगे।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में प्रदेश के अपर सचिव और अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी-प्रशासन, आनंद स्वरूप की ओर से सभी संस्थानों को मंगलवार को पत्र भी भेज दिया गया है।
सुमन ने बताया कि इन सभी संस्थानों को अपने यहां से एक-एक विशेषज्ञ को नामित करते हुये चमोली के जिलाधिकारी को तत्काल रिपोर्ट करने को कहा गया है।
उन्होंने बताया कि विशेषज्ञ नगर पंचायत थराली के राडीबगड़ में तहसील कार्यालय, तहसील के आवासीय परिसर, कोटदीप, थराली बाजार तथा चैपडों एवं संगवाड़ा में बाढ़, भूस्खलन के कारणों का अध्ययन करेंगे तथा उनके न्यूनीकरण के उपाय सुझाएंगे।
थराली में 22 अगस्त को मध्यरात्रि के बाद अत्यधिक बारिश के कारण टूनरी गाड़ बरसाती नाले में बाढ़ आ गयी थी और उसके साथ आया मलबा एक बड़े क्षेत्र में फैल गया था।
इस घटना में एक युवती की मृत्यु हो गयी जबकि एक बुजुर्ग लापता हो गया जिसकी खोजबीन की जा रही है। तहसील कार्यालय के अलावा कई मकानों और दुकानों में मलबा भर गया था जबकि एसडीएम का आवास भी क्षतिग्रस्त हो गया। मलबे में कई वाहन भी दब गए थे।
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दीप्ति, रवि कांत
रवि कांत
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