Thursday, 20 January, 2022
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TET पेपर लीक कराने वालों के ख़िलाफ रासुका लगाएगी यूपी सरकार, विपक्ष ने कहा- ‘युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़’

विपक्षी दलों ने सत्तारूढ़ बीजेपी पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए इसे युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया.

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प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में रविवार को होने जा रही उत्तर प्रदेश टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (यूपी टीईटी) के पेपर लीक होने की घटना को गंभीरते से लेते हुए प्रदेश की योगी सरकार पेपर लीक कराने वालों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) लगाएगी.

देवरिया में एक जनसभा को संबोधित करते हुए राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, ‘हमें समाचार मिला कि यूपी टीईटी की आज परीक्षा थी और एक गिरोह ने कहीं से पेपर लीक कर लिया. हमने पूरी परीक्षा निरस्त करने और पूरे गिरोह को गिरफ्तार करने का निर्देश दिया है.’

उन्होंने कहा, ‘हमने सभी परीक्षार्थियों को सकुशल उनके घर पर मुफ्त पहुंचाने, एक महीने में पारदर्शी तरीके से फिर से परीक्षा कराने और किसी भी बच्चे से कोई अतिरिक्त पैसे नहीं लेने का निर्देश दिया है. परीक्षा देने वाले अपना एंट्री कार्ड दिखाकर रोडवेज की बसों में मुफ्त में घर जा सकते हैं.’

आदित्यनाथ ने कहा, ‘जिन लोगों ने यह शरारत की है उनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज होने जा रहा है और सरकार उनकी संपत्ति जब्त कराने और रासुका के तहत उन्हें निरुद्ध करने जा रही है. कोई कितना बड़ी भी क्यों ना हो, उसके घर पर बुल्डोजर चलना तय है.’


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एसटीएफ करेगी मामले की जांच

इस बीच, लखनऊ के लोकभवन में अपर मुख्‍य सचिव, बेसिक शिक्षा दीपक कुमार और अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने रविवार को पत्रकारों को प्रश्नपत्र लीक होने और परीक्षा निरस्त होने की जानकारी दी.

उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के पास से बरामद प्रश्न पत्र की कॉपी को शासन के साथ साझा किया गया जिसमें लीक हुई सामग्री टीईटी के वास्तविक प्रश्न पत्र से मेल खाती थी.

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अधिकारियों ने बताया कि इसी कारण परीक्षा स्थगित करने और अगले एक महीने में दोबारा परीक्षा आयोजित करने का फैसला लिया गया है. इसमें होने वाले खर्च का वहन राज्य सरकार करेगी और अभ्‍यर्थी को दोबारा फॉर्म नहीं भरना पड़ेगा.

उन्होंने कहा कि मामले में जांच की जिम्मेदारी विशेष कार्य बल (एसटीएफ) को सौंपी गई है और दोषियों को बख्‍शा नहीं जाएगा.

प्रशांत कुमार ने बताया कि सरकार द्वारा आयोजित यूपी टीईटी-2021 की परीक्षाएं रविवार को दस से साढ़े 12 बजे और ढाई से पांच बजे तक राज्‍य के सभी 75 जिलों के 2,736 परीक्षा केंद्रों पर होनी थी. उन्होंने कहा कि इसमें 19 लाख 99 हजार 418 परीक्षार्थी शामिल होने वाले थे.

परीक्षा में आयोजन में किसी प्रकार की गड़बड़ी को रोकने के मद्देनजर नकल माफिया और सॉल्वर गैंग पर नजर रखने के लिए जाल बिछाया गया और मुखबिर सहित खुफिया जानकारी के आधार पर शनिवार रात से अब तक 23 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

उन्होंने बताया कि मामले में लखनऊ से चार लोगों को पकड़ा गया है. वहीं एसटीएफ ने मेरठ से तीन लोगों को, एसटीएफ वाराणसी और गोरखपुर की टीम ने दो लोगों को, कौशांबी से एक और प्रयागराज से 16 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है. उन्होंने बताया कि मामले में कुछ और लोगों को गिरफ्तार किए जाने की संभावना है. गिरफ्तार सदस्यों में कुछ बिहार के निवासी हैं.

एसटीएफ की प्रयागराज इकाई के पुलिस उपाधीक्षक नवेंदु कुमार ने बताया कि गिरोह के मुख्य सरगना राजेंद्र पटेल समेत 16 सदस्यों को विभिन्न थाना क्षेत्रों से रविवार को गिरफ्तार किया गया. नैनी थाना क्षेत्र से आठ लोगों, झूंसी थाना क्षेत्र से तीन लोगों और जार्ज टाउन थाना क्षेत्र से पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

विपक्ष का आरोप

विपक्षी दलों ने सत्तारूढ़ बीजेपी पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए इसे युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया.

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने इसे लाखों युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बताया है.

कांग्रेस महासचिव और उत्तर प्रदेश मामलों की प्रभारी प्रियंका गांधी ने रविवार को ट्वीट किया ‘भर्तियों में भ्रष्टाचार, पेपर आउट ही भाजपा सरकार की पहचान बन चुकी है. आज यूपी टेट का पेपर आउट होने की वजह से लाखों युवाओं की मेहनत पर पानी फिर गया.

प्रियंका ने इसी ट्वीट में लिखा ‘हर बार पेपर आउट होने पर योगी आदित्यनाथ जी की सरकार ने भ्रष्टाचार में शामिल बड़ी मछलियों को बचाया है, इसलिए भ्रष्टाचार चरम पर है.’

एसपी प्रमुख और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रविवार को ट्वीट किया ‘उप्र टेट 2021 की परीक्षा का पेपर लीक होने की वजह से रद्द होना बीसों लाख बेरोजगार अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है. बीजेपी सरकार में पेपर लीक होना, परीक्षा और परिणाम रद्द होना आम बात है.’ उन्होंने आरोप लगाया, ‘उप्र में शैक्षिक भ्रष्टाचार के चरम पर है.’

अखिलेश ने लिखा, ‘बेरोज़गारों का इंकलाब होगा~बाइस में बदलाव होगा!’

बीएसपी प्रमुख मायावती ने अपने ट्वीट में कहा, ‘जिस प्रकार सपा सरकार में नकल आम बात होती थी, उसी प्रकार भाजपा सरकार में भी पेपर लीक होने से यूपी में शिक्षकों की भर्ती के लिए आज की उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) का रद्द हो जाना अति-गंभीर मामला है. करीब 21 लाख परीक्षार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ उचित नहीं.’

उन्होंने लिखा, ‘यूपी सरकार इस ताजा घटना को पूरी गंभीरता से लेकर इसकी अति-शीघ्र उच्च-स्तरीय जांच कराए जाने एवं दोषियों को सख्त कानूनी सजा सुनिश्चित करे तथा आगे यथाशीघ्र इस परीक्षा को सुचारू रूप से कराने की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करें, बीएसपी की यह मांग है.’

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में रविवार को होने वाली यूपी टीईटी-2021 का प्रश्न पत्र लीक होने की वजह से स्थगित कर दी गई और पुलिस ने इस मामले में प्रश्न पत्र लीक करने वाले गिरोह के 23 सदस्यों को राज्‍य के विभिन्‍न जिलों से गिरफ्तार किया है. यह परीक्षा राज्‍य के सभी 75 जिलों के 2,736 परीक्षा केंद्रों पर होनी थी और इसमें 19 लाख 99 हजार 418 परीक्षार्थियों को शामिल होना था.



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