लखनऊ: उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बुधवार को विधानसभा में वर्ष 2026-27 का राज्य बजट पेश किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ सरकार के पिछले और वर्तमान दोनों कार्यकाल में राज्य में सर्वांगीण विकास हुआ है.
वित्त मंत्री ने कहा कि सतत विकास लक्ष्य (SDG) इंडिया इंडेक्स में उत्तर प्रदेश की रैंकिंग 2018-19 में 29वें स्थान से बढ़कर 2023-24 में 18वें स्थान पर पहुंच गई है. फरवरी 2024 में आयोजित चौथे ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में लगभग 50 लाख करोड़ रुपये के एमओयू साइन किए गए, जिससे करीब 10 लाख रोज़गार सृजित होने की संभावना है. अब तक 16 हजार से अधिक परियोजनाओं के लिए 15 लाख करोड़ रुपये के निवेश के साथ चार ग्राउंड ब्रेकिंग समारोह आयोजित किए जा चुके हैं.
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा मोबाइल फोन निर्माण केंद्र बन चुका है. देश के कुल मोबाइल उत्पादन का 65 प्रतिशत यूपी में होता है. भारत की 55 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट इकाइयां भी राज्य में स्थित हैं. राज्य का इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 44,744 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है. उद्योग और तकनीक में निवेश तथा नवाचार को बढ़ावा देने के कारण यूपी को राष्ट्रीय स्टार्टअप रैंकिंग में ‘लीडर कैटेगरी’ में स्थान मिला है.
सुरेश खन्ना ने कहा कि सरकार के दोनों कार्यकाल में कानून-व्यवस्था मजबूत हुई है, बुनियादी ढांचे का विस्तार हुआ है, उद्योगों में निवेश बढ़ा है, रोजगार के अवसर बढ़े हैं, महिलाओं का सशक्तिकरण हुआ है, युवाओं के कौशल विकास पर काम हुआ है और किसानों की समृद्धि तथा गरीबी उन्मूलन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं.
उन्होंने बताया कि जनवरी 2026 में नीति आयोग द्वारा जारी एक्सपोर्ट प्रिपेयर्डनेस इंडेक्स 2024 में उत्तर प्रदेश भूमि से घिरे राज्यों में बेहतर स्थान पर रहा है. राज्य देश में गेहूं, धान, गन्ना, आलू, केला, आम, अमरूद, आंवला और पुदीना उत्पादन में अग्रणी है.
राज्य में सिंचित क्षेत्र 2016-17 के 2.16 करोड़ हेक्टेयर से बढ़कर 2024-25 में 2.76 करोड़ हेक्टेयर हो गया है. फसल तीव्रता 162.7 प्रतिशत से बढ़कर 193.7 प्रतिशत पहुंच गई है.
ऊर्जा क्षेत्र में भी वृद्धि दर्ज की गई है. वर्ष 2016-17 में 5,878 मेगावाट तापीय बिजली उत्पादन क्षमता थी, जो 2025-26 (दिसंबर 2025 तक) बढ़कर 12,120 मेगावाट हो गई है. सरकार हरित और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा दे रही है और अब तक राज्य में 2,815 मेगावाट सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित की जा चुकी हैं.
बजट सत्र 9 फरवरी से 20 फरवरी तक चलेगा. वर्ष 2026-27 का बजट 11 फरवरी को विधानसभा में प्रस्तुत किया गया.
