लखनऊ, 27 अगस्त (भाषा) उत्तर प्रदेश पुलिस के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने विभिन्न कम्पनियों की नकली दवाओं का कारोबार करने और सरकारी अधिकारियों को रिश्वत देने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया। बुधवार को जारी एक बयान में यह जानकारी दी गयी।
एसटीएफ ने बयान में बताया कि आगरा जिले के शहर कोतवाली क्षेत्र स्थित पार्किंग स्टैंड के पास 24 अगस्त को विशेष कार्य बल और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की संयुक्त कार्रवाई के दौरान हिमांशु अग्रवाल नाम के कारोबारी को गिरफ्तार किया गया।
बयान के मुताबिक, अग्रवाल पर कई नामी दवा कम्पनियों की नकली दवाओं की खरीद-फरोख्त करने और कार्रवाई के दौरान एक सरकारी अधिकारी को रिश्वत देने का आरोप है।
बयान में बताया कि अग्रवाल के पास से कुल एक करोड़ रुपये नकद, दो मोबाइल फोन, दो करोड़ 92 लाख से ज्यादा मूल्य की दवाएं और एक लैपटॉप बरामद किया गया है।
बयान के मुताबिक, एसटीएफ ने बड़े पैमाने पर नकली दवाएं बेचे जाने के बारे में मिली सूचना से औषधि खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग को अवगत कराते हुए स्थानीय थाना पुलिस को साथ लेकर ‘मेसर्स हे-मां मेडिको एजेन्सी’ के गोदाम में छापा मारा।
बयान में बताया गया कि तकनीकी टीम द्वारा निरीक्षण एवं जांच के दौरान विभिन्न मेडिकल कम्पनी की दवाईयां स्टोर मे अवैध रूप से रखी पायी गयीं।
बयान के मुताबिक, इस सिलसिले में आगरा के एम.एम. गेट थाने में मुकदमा दर्ज किया गया।
बयान में बताया गया कि इस कार्रवाई के दौरान हिमांशु अग्रवाल ने अधिकारियों को अपनी नकली दवाएं हटाने और नमूना न लेने की एवज में किसी अन्य व्यापारी का माल पकड़वाने का प्रस्ताव रखा और खुद को बचाने के बदले एक करोड़ रुपये रिश्वत का लालच दिया।
बयान के मुताबिक, आरोपी ने रिश्वत के रुपये जांच टीम को सौंपे, जिसके बाद आयकर विभाग को सूचित किया गया।
एटीएस ने बताया कि अग्रवाल ने पूछताछ में बताया कि उसकी तीन अन्य फर्में और मेडिकल एजेन्सी है तथा वह चेन्नई, पुडुचेरी और कई अन्य राज्यों में नकली दवाओं का व्यापार करता है।
भाषा सलीम जितेंद्र
जितेंद्र
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