नई दिल्ली: पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद को 10 नवंबर 2025 को नई दिल्ली के लाल किले के पास हुए धमाके से “जुड़ा हुआ बताया गया है”, यह बात इस महीने जारी संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में कही गई है. रिपोर्ट में यह भी दर्ज किया गया है कि संगठन ने महिलाओं का एक विंग बनाने की घोषणा की.
संयुक्त राष्ट्र की आतंकवाद-रोधी निगरानी टीम की रिपोर्ट, जो यूएन सुरक्षा परिषद की 1267 प्रतिबंध समिति को दी गई, में बताया गया कि जैश प्रमुख मोहम्मद मसूद अज़हर अल्वी ने 8 अक्टूबर 2025 को औपचारिक रूप से “जमात उल-मुमिनात” के गठन की घोषणा की. रिपोर्ट के अनुसार, यह जैश का महिलाओं का विंग है, जिसका उद्देश्य “आतंकी हमलों में समर्थन देना” है.
रिपोर्ट में कहा गया, “एक सदस्य देश ने बताया कि जैश-ए-मोहम्मद ने कई हमलों की जिम्मेदारी ली थी. इसे 9 (10) नवंबर को नई दिल्ली के लाल किले पर हुए हमले से भी जुड़ा बताया गया, जिसमें 15 लोगों की मौत हुई.”
1267 प्रतिबंध समिति आतंकी संगठनों और उनसे जुड़े समूहों या व्यक्तियों पर लक्षित प्रतिबंधों की निगरानी करती है. यह फैसले निगरानी टीम की रिपोर्ट के आधार पर लेती है.
संयुक्त राष्ट्र की विश्लेषणात्मक सहायता और प्रतिबंध निगरानी टीम 10 विशेषज्ञों का एक समूह है, जो समय-समय पर आतंकी संगठनों से खतरे का आकलन करता है और अपनी रिपोर्ट सुरक्षा परिषद को सौंपता है. इसे पहली बार 2004 में बनाया गया था, ताकि विभिन्न देशों और एजेंसियों से खुफिया जानकारी इकट्ठा की जा सके.
यह रिपोर्ट प्रस्ताव 2734 (2024) के तहत सौंपी गई है. यह ऐसे समय में आई है जब जैश अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय आकलनों के बावजूद अपनी सक्रिय स्थिति को लेकर दावे करते हुए कई हमलों की जिम्मेदारी लेता रहा है.
नई दिल्ली का कहना है कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा अल-कायदा से जुड़ा घोषित जैश-ए-मोहम्मद भारत में कई हमलों में शामिल रहा है, खासकर जम्मू-कश्मीर में. इनमें 14 फरवरी 2019 को पुलवामा में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के काफिले पर हुआ आत्मघाती हमला शामिल है, जिसमें 40 जवान शहीद हुए थे और 2025 का पहलगाम हमला भी शामिल है, जिसे लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट ने अंजाम दिया था और जिसमें 26 लोगों की मौत हुई थी.
10 नवंबर को हुए लाल किला हमले में 15 लोगों की जान गई थी.
अलग-अलग दावे
निगरानी टीम की रिपोर्ट में ‘सदस्य देशों’ के अलग-अलग आकलनों का ज़िक्र किया गया है. रिपोर्ट के मुताबिक, एक देश ने जैश-ए-मोहम्मद की लगातार सक्रिय भूमिका और हमलों की जिम्मेदारी लेने की बात कही, जबकि दूसरे देश ने इस समूह को “निष्क्रिय” बताया.
हालांकि, किसी भी देश का नाम नहीं लिया गया है, लेकिन पाकिस्तान का कहना रहा है कि जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे संगठन अब सक्रिय नहीं हैं और उसकी कार्रवाई के बाद वे उसके इलाके से काम नहीं कर रहे हैं.
अलग से, रिपोर्ट में जम्मू-कश्मीर में हुई घटनाओं का भी ज़िक्र किया गया है. इसमें कहा गया है कि 28 जुलाई 2025 को पहलगाम हमले में कथित रूप से “शामिल” तीन लोगों को मार दिया गया.
रिपोर्ट में कहा गया, “एक अन्य सदस्य देश ने बताया कि जैश-ए-मोहम्मद निष्क्रिय है. अलग से यह भी बताया गया कि 28 जुलाई को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए हमले में कथित रूप से शामिल तीन लोगों को मार दिया गया.”
(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)
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