नयी दिल्ली, 15 नवंबर (भाषा) विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने उच्च शिक्षण संस्थानों और उनसे संबद्ध कालेजों/संस्थानों से 26 नवंबर को ‘संविधान दिवस कार्यक्रम’ आयोजित करने का आग्रह किया है। आयोग ने ‘भारत : लोकतंत्र की जननी’ विषयवस्तु पर व्याख्यान आयोजित करने का भी निर्णय किया है।
यूजीसी के सचिव प्रो. रजनीश जैन ने विश्वविद्यालयों के कुलपतियों एवं कालेजों के प्राचार्यो को लिखे पत्र में कहा कि भारत का संविधान अंगीकार किये जाने को लेकर प्रत्येक वर्ष 26 नवंबर को संविधान दिवस मनाया जाता है।
उन्होंने कहा कि भारतीय लोकतंत्र समावेशिता और विविधिता की ताकत के आधार पर 75 वर्ष से आगे बढ़ रहा है और यह न केवल दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है बल्कि लोकतंत्र की जननी भी है।
जैन ने अपने पत्र में कहा, ‘‘ वैदिक काल से लेकर इस विषय में काफी साक्ष्य मौजूद हैं जो भारत की लोकतांत्रिक परंपरा को रेखांकित करते हैं । ऐसे में यह फैसला किया गया है कि इस वर्ष ‘भारत : लोकतंत्र की जननी’ विषयवस्तु के तहत व्याख्यान आयोजित करके संविधान दिवस मनाया जायेगा । ’’
यूजीसी के सचिव ने उच्च शिक्षण संस्थानों और उनसे संबद्ध कालेजों/संस्थानों से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि 26 नवंबर को पूरे उत्साह के साथ संविधान दिवस आयोजित किया जाए ।
गौरतलब है कि संविधान दिवस 26 नवंबर को मनाया जाता है क्योंकि 1949 में इसी दिन संविधान सभा ने भारत के संविधान को अंगीकार किया था। संविधान दिवस की शुरुआत 2015 से की गई थी।
भारत का संविधान 26 जनवरी, 1950 को लागू हुआ था।
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