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चंद्रबाबू नायडू, फाइल फोटो | फेसबुक
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नई दिल्ली: आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू 11 फरवरी को केंद्र सरकार के खिलाफ दिल्ली में धरना प्रदर्शन करने वाले हैं. इस प्रदर्शन में लोगों की भीड़ भी वो आंध्र प्रदेश से ला रहे हैं. आंध्र प्रदेश सामान्य प्रशासन विभाग ने इसके लिए मध्य रेलवे को 1.12 करोड़ रुपये दिए हैं. मजेदार बात यह है कि प्रशासन ने रेलवे से दोनों 20 डिब्बों वाली रेलगाड़ियां ही किराए पर ली है. अमूमन रेलवे 14 डिब्बों वाली रेलगाड़ी चलाता है.

विभाग द्वारा जारी रिलीज में कहा गया है, अनंतपुर और श्रीकाकुलम से रेलगाड़ियां राजनीतिक दलों, संगठनों, गैर-सरकारी संगठनों और संगठनों के नेताओं को राष्ट्रीय राजधानी ले जाएंगी, ताकि वे एक दिवसीय ‘दीक्षा’ (विरोध) में भाग ले सकें.

दोनों रेलगाड़ियां रविवार सुबह 10 बजे तक नई दिल्ली पहुंच जाएगी. यह विरोध प्रदर्शन आंध्र प्रदेश को विशेष दर्जा देने से इनकार करने और आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2014 में किए गए अन्य वादों को पूरा करने में विफल रहने के खिलाफ है.

बता दें कि टीडीपी एनडीए का हिस्सा थी लेकिन पिछले साल राज्य के विशेष दर्जे की मांग को लेकर अलग हो गई थी. तभी से समय समय पर चंद्रबाबू नायडू प्रधानमंत्री के खिलाफ समय समय पर भाषण देते रहे हैं. वह महागठबंधन का भी हिस्सा हैं. पिछले दिनों जब सीबीआई बनाम शारदा मामले में कोलकाता कमिश्नर राजीव कुमार के समर्थन में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी धरने पर बैठी थीं तब उन्होंने चंद्रबाबू नायडू के कहने पर ही धरना खत्म किया था.

पिछले दिनों संसद में पीएम मोदी द्वारा महागठबंधन को महाविलावट कहने पर भी चंद्रबाबू नायडू ने आपत्ति दर्ज की है. नायडू फिलहाल प्रदेश से हजारों लोगों को लाकर बीजेपी विरोधी मोर्चा बनाने में जुटे हैं.

अपने इस 12 घंटे के धरना-प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए उन्होंने महागठबंधन की पार्टियों के नेताओं के आगे आने की भी अपील की है. विरोध प्रदर्शन में कई राष्ट्रीय पार्टियों के नेताओं के शामिल होने का दावा करते हुए नायडू ने राज्य की विपक्षी पार्टी को भी इसमें शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है. या राजनीति जारी रखते हैं.’

(आईएएनएस इनपुट्स के साथ)


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