scorecardresearch
Saturday, 30 August, 2025
होमदेशराजस्थान में भारी बारिश से दो लोगों की मौत, सैकड़ों लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचाया गया

राजस्थान में भारी बारिश से दो लोगों की मौत, सैकड़ों लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचाया गया

Text Size:

जयपुर, 23 अगस्त (भाषा) लगातार मूसलाधार बारिश से राजस्थान के कुछ हिस्सों में सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है और बारिश जनित हादसों में दो महिलाओं की मौत हो गई। भारी बारिश से जलभराव के चलते सैकड़ों लोगों को सुरक्षित इलाकों में पहुंचाया गया है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि राजस्थान के पूर्वी हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है। इससे कई शहरों में निचले इलाकों में पानी भर गया तथा सड़क और रेल संपर्क बाधित हुआ है। जलभराव के कारण कई गांवों का संपर्क टूट गया। उन्होंने बताया कि कोटा, बूंदी, सवाई माधोपुर और टोंक में बाढ़ जैसी स्थिति है।

कोटा में शुक्रवार को सेना और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) द्वारा राहत अभियान चलाया गया, जबकि राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीमों ने बारिश प्रभावित अन्य इलाकों से लोगों को निकाला।

आपदा राहत मंत्री किरोड़ी मीणा और गृह मंत्री जवाहर सिंह बेधम ने कोटा संभाग के प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया और सवाई माधोपुर में स्थानीय लोगों से बातचीत की। मंत्रियों ने अधिकारियों को सभी बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत कार्य सुनिश्चित करने और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए।

अत्यधिक बारिश से सबसे अधिक प्रभावित जिलों में कोटा, सवाई माधोपुर, बूंदी व टोंक शामिल हैं। बूंदी में अलग-अलग घटनाओं में दो महिलाओं की मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि बूंदी में शनिवार को बाढ़ के पानी के तेज बहाव में बह जाने से 50 वर्षीय कैलाशीबाई की मौत हो गई। पुलिस ने बाद में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।

बूंदी के एक खेत में टिन शेड की दीवार गिरने से 65 वर्षीय मनभर बाई की मौत हो गई। इंदरगढ़ थाने के वृत्ताधिकारी रामलाल ने बताया कि महिला टिन शेड के नीचे अकेली सो रही थी।

जिले के नैनवां और केशोरायपाटन ब्लॉक में शुक्रवार रात और शनिवार दोपहर सेना की मदद लेनी पड़ी और लगभग 500 लोगों को बचाकर राहत शिविरों में पहुंचाया गया।

लोकसभा अध्यक्ष और कोटा-बूंदी के सांसद ओम बिरला ने बूंदी जिले के केशोरायपाटन और कापरेन में जलभराव वाले इलाकों का दौरा किया और प्रभावित लोगों के पुनर्वास के निर्देश दिए।

बूंदी जिले के भावपुरा गांव में शनिवार को एक एसयूवी उफनते नाले में बह गई। हालांकि, बचाव दल और ग्रामीणों ने इसमें सवार सभी सात लोगों को बचा लिया।

राजधानी जयपुर में शनिवार सुबह से ही भारी बारिश का दौर शुरू हो गया। आमेर किला परिसर के रास्ते में एक दीवार का हिस्सा ढह गया हालांकि, इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ।

एसडीआरएफ और नागरिक सुरक्षा टीमों ने टोंक के वनस्थली में पानी में डूबे एक गांव से 100 से ज़्यादा लोगों को बचाया। जिला कलेक्टर कल्पना अग्रवाल व पुलिस अधीक्षक राजेश मीणा और अन्य अधिकारियों ने प्रभावित इलाकों का दौरा किया।

बूंदी में, लबान के पास दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक के नीचे मिट्टी के कटाव से कुछ ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हुई। टोंक के देवली के पास जयपुर-कोटा राजमार्ग भी जलमग्न हो गया। कोटा में, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर आवाजाही रोक दी गई और कराड़िया टोल प्लाजा पर बैरिकेड लगा दिए गए।

धौलपुर जिले में चंबल नदी खतरे के निशान से दो मीटर ऊपर बह रही है, जबकि चूरू के सुजानगढ़ में बारिश का पानी दुकानों में घुस गया। अधिकारियों ने अतिरिक्त पानी निकालने के लिए बीसलपुर बांध के छह गेट और कोटा बैराज के दो गेट खोल दिए।

मौसम विभाग ने भारी से अति भारी बारिश का दौर अभी जारी रहने का अनुमान व्यक्त किया है।

इसके अनुसार शनिवार दिन में करौली में 41.5 मिलीमीटर, अंता-बारां व चित्तौड़गढ़ में 39 मिमी, दौसा में 33.5 मिमी, जयपुर में 29.5 मिमी, वनस्थली में 20.4 मिमी, कोटा में 18 मिमी, भीलवाड़ा में 17 मिमी, पिलानी व सीकर में 15 मिमी व अजमेर में 10.8 मिमी बारिश हुई।

मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, मानसून ‘ट्रफ लाइन’ राज्य से होकर गुजर रही है, जिसके चलते दक्षिण व दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में 24 अगस्त को भी भारी, अतिभारी व कहीं-कहीं अत्यंत भारी बारिश होने का अनुमान है। मौसम केंद्र के अनुसार, कई जगहों पर अतिभारी बारिश का दौर 25-26 अगस्त को भी जारी रहेगा।

भाषा पृथ्वी शफीक

शफीक

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments