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Wednesday, 11 March, 2026
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‘सच्चे हिंदू’ गाय को ‘राष्ट्र माता’ का दर्जा दिलाने के लिए लखनऊ आए: अविमुक्तेश्वरानंद

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लखनऊ, 10 मार्च (भाषा) शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती गाय को ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर मंगलवार को लखनऊ पहुंचे और लोगों से बुधवार को होने वाले ‘गो प्रतिष्ठा-धर्मयुद्ध शंखनाद’ कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की।

यह कार्यक्रम 11 मार्च को कांशीराम स्मृति सांस्कृतिक उपवन में आयोजित किया जाएगा।

जिला प्रशासन ने आयोजन की अनुमति 26 शर्तों के साथ दी है, जिनमें भड़काऊ भाषण, आपत्तिजनक नारेबाजी और घातक वस्तुओं के उपयोग पर प्रतिबंध शामिल है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि गाय को ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा दिलाना उनके अभियान का मुख्य उद्देश्य है और देशभर में गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध उनकी प्राथमिकता है।

उन्होंने कहा, “जो भी सच्चे हिंदू हैं, वे कल के कार्यक्रम में आएंगे। यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक देश में गाय की हत्या पूरी तरह बंद नहीं हो जाती।” स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने ‘पीटीआई-वीडियो’ सेवा से कहा, “हम लक्ष्य तक पहुंचने से पहले थक नहीं सकते। हमें तब तक आगे बढ़ते रहना होगा, जब तक हम यह न कह सकें कि हम ऐसे देश में रहते हैं जहां गोहत्या नहीं होती।”

उन्होंने आयोजन पर प्रशासन द्वारा लगाई गई शर्तों के बारे में पूछे जाने पर कहा कि वह राजनीतिक टिप्पणी करने नहीं आए हैं।

आयोजकों के अनुसार, प्रशासन ने जिन शर्तों के साथ अनुमति दी है, उनमें किसी भी धर्म, जाति, समुदाय या भाषा के खिलाफ भड़काऊ भाषणों पर रोक तथा राजनीतिक या धार्मिक व्यक्तियों के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियों पर प्रतिबंध शामिल है। आयोजकों ने बताया कि इसके अलावा नाबालिगों से विवादित नारे नहीं लगवाए जा सकते, कार्यक्रम स्थल पर वाहनों का प्रवेश सीमित रहेगा और यातायात व्यवस्था प्रभावित नहीं होनी चाहिए।

आयोजकों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि पारंपरिक झंडों के अलावा कोई प्रतिबंधित सामग्री न लाई जाए।

साथ ही निजी सुरक्षा की व्यवस्था, अग्नि एवं यातायात सुरक्षा मानकों का पालन, ध्वनि प्रदूषण और पर्यावरण संबंधी नियमों का अनुपालन तथा पुलिस तैनाती और अन्य व्यवस्थाओं का खर्च आयोजकों को ही वहन करना होगा।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने इन शर्तों और खर्च के बारे में प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह स्थिति मुगलकाल में ‘जजिया’ देने जैसी प्रतीत होती है।

उन्होंने आरोप लगाया कि जैसे उस समय लोग अपने धर्म के पालन के लिए जजिया देते थे, उसी प्रकार अब धार्मिक कार्यक्रमों के लिए भी खर्च उठाना पड़ रहा है। स्वामी ने पांच मार्च को वाराणसी के संकटमोचन मंदिर में पूजा करने के बाद गोरक्षा के समर्थन में अपनी यात्रा शुरू की थी।

यह यात्रा जौनपुर, सुलतानपुर, अमेठी, रायबरेली, उन्नाव, हरदोई और सीतापुर से होते हुए मंगलवार को लखनऊ पहुंची।

इस बीच, उन्होंने सोमवार को हरदोई में कहा था कि उनका अभियान किसी राजनीतिक दल से जुड़ा नहीं है।

स्वामी ने कहा, “भाजपा मेरी दुश्मन नहीं है, लेकिन दूसरी पार्टियां भी मेरी दोस्त नहीं हैं। जो भी गौमाता की रक्षा और उसे राष्ट्रमाता घोषित करने की बात करेगा, उसे मेरा समर्थन मिलेगा।”

उन्होंने लोगों से आगामी चुनावों में गौ रक्षा को एक प्रमुख मुद्दा बनाने की भी अपील की।

भाषा किशोर आनन्द जितेंद्र

जितेंद्र

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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