कोलकाता, 21 जनवरी (भाषा) तृणमूल कांग्रेस के एक विधायक के उस बयान को लेकर विवाद पैदा हो गया है, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर धमकी दी है कि एसआईआर के परिणामस्वरूप अगर किसी भी पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची से हटाया जाता है, तो वह निर्वाचन आयोग के एक शीर्ष अधिकारी की रीढ़ ही हड्डी तोड़ देंगे।
वायरल हुए एक वीडियो में, फरक्का के विधायक मनीरुल इस्लाम को कथित तौर पर यह कहते हुए सुना जा सकता है कि निर्वाचन आयोग को तृणमूल कांग्रेस के धैर्य की परीक्षा नहीं लेनी चाहिए। उन्होंने कथित तौर पर कहा कि अगर आयोग आग से खेलना चाहता है, तो तृणमूल भी ऐसा कर सकती है।
हालांकि, ‘पीटीआई-भाषा’ वीडियो की प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सकी है।
विधायक की ये टिप्पणियां फरक्का में, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की सुनवाई के दौरान हुए हिंसक विरोध प्रदर्शन के कुछ दिनों बाद आई हैं। प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर इस्लाम की मौजूदगी में लोगों के एक समूह ने प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) कार्यालय में तोड़फोड़ की थी।
मंगलवार को एक रैली को संबोधित करते हुए इस्लाम ने कहा था, ‘‘अगर वह (निर्वाचन आयोग के अधिकारी) आम लोगों की जान से खिलवाड़ करते हैं, तो मैं चुप नहीं बैठूंगा। अगर हर असली मतदाता के नाम शामिल करने में उनसे (आयोग से) कोई गलती होती है, तो मैं उनकी रीढ़ की हड्डी तोड़ दूंगा।’’
अपने समर्थकों के जयकारे के बीच उन्होंने कहा, ‘‘अगर आप पाताल में छिपने की सोच रहे हैं, तो मैं आपको वहां से भी खींच कर लाऊंगा।’’
हालांकि, उन्होंने निर्वाचन आयोग के किसी अधिकारी का नाम नहीं लिया।
भाजपा नेता सजल घोष ने कहा कि इस्लाम पश्चिम बंगाल में तृणमूल द्वारा शुरू की गई ‘‘गुंडा संस्कृति’’ का प्रतिनिधित्व करते हैं, जहां सत्तारूढ़ पार्टी का एक विधायक निर्वाचन आयोग जैसे लोकतांत्रिक और संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ हिंसक धमकियां देकर बच निकलता है, और पार्टी (तृणमूल) के शीर्ष नेता इस पर आंखें मूंदकर दूसरी दिशा में देख रहे हैं।
इस्लाम के विवादास्पद बयान पर तृणमूल ने फिलहाल आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
सत्तारूढ़ पार्टी के विधायक ने यह भी कहा, ‘‘अगर हमारी पार्टी के ध्वज के लिये इस्तेमाल की गई बांस की छड़ी पर्याप्त नहीं है, तो हम आपकी रीढ़ की हड्डी तोड़ने के लिए असली डंडे का इस्तेमाल करेंगे। हमारे सब्र का इम्तिहान नहीं लें।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हम आपको समय दे रहे हैं, ताकि एसआईआर में कोई गलती न हो। अगर ऐसा नहीं हुआ, तो इसका करारा जवाब दिया जाएगा। अगर आप आग से खेलेंगे, तो समझ लीजिए कि हम भी आग से खेल सकते हैं।’’
भाषा सुभाष दिलीप
दिलीप
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