नयी दिल्ली, 19 जनवरी (भाषा) दिल्ली के सदर बाजार की 25 दुकानों को सील किए जाने के खिलाफ व्यापारियों ने बृहस्पतिवार को उपराज्यपाल निवास के बाहर धरना दिया।
आम आदमी पार्टी के व्यापारी संगठन व्यापार और उद्योग मंडल (सीटीआई) ने भी इस मुद्दे पर उपराज्यपाल वी के सक्सेना को एक पत्र लिखा है।
इस महीने की शुरुआत में पुरानी दिल्ली के सदर बाजार में 25 दुकानों को सील कर दिया गया था, जबकि पांच अन्य को परिसर खाली करने का नोटिस दिया गया था।
सीटीआई के चेयरमैन बृजेश गोयल और अध्यक्ष सुभाष खंडेलवाल ने कहा कि सदर बाजार में सीलिंग की कार्रवाई से अन्य बाजारों के दुकानदार भी सहमे हुए हैं।
बृजेश गोयल ने कहा, ‘‘ व्यापारियों को सीलिंग की धमकी मिल रही है। फिलहाल दिल्ली में एमसीडी में कोई सरकार नहीं है और एमसीडी का नियंत्रण उपराज्यपाल के पास है, सभी अधिकारी उपराज्यपाल के आदेश का ही पालन कर रहे हैं। ’’
बृजेश गोयल ने उपराज्यपाल को लिखे पत्र में कहा है कि जब तक एमसीडी में नयी सरकार नहीं बन जाती, तब तक सीलिंग की कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए।
हम चाहते हैं कि सीलिंग के मुद्दे पर दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के सदन में चर्चा हो।
बृजेश गोयल ने उपराज्यपाल को लिखे पत्र में कहा, ‘‘वैसे भी दिल्ली का मास्टर प्लान 2041 आने वाला है और उसमें लिखा है कि जिस मार्केट में 70 फीसदी से ज्यादा व्यावसायिक गतिविधियां होती हैं वह व्यावसायिक बाजार की श्रेणी में आता है। सीलिंग की कार्रवाई का आदेश 11 अप्रैल 2022 को जारी हुआ था। लेकिन कार्रवाई 10 माह बाद हुई है। अधिकारी अब तक क्या कर रहे थे? दुकानें 10 महीने बाद अचानक क्यों सील कर दी गईं? अधिकारियों की भूमिका संदेहास्पद है और इसकी जांच की जानी चाहिए। ’’
भाषा रवि कांत पवनेश
पवनेश
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
