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Monday, 16 February, 2026
होमदेशआज विश्व में भारत की आर्थिक प्रगति का डंका किसानों के पसीने के कारण बज रहा है : धनखड़

आज विश्व में भारत की आर्थिक प्रगति का डंका किसानों के पसीने के कारण बज रहा है : धनखड़

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जयपुर, 14 मई (भाषा) उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने भारत के आर्थिक विकास में कृषि के महत्व की चर्चा करते हुए कहा कि विश्व में भारत की आर्थिक प्रगति का डंका किसानों के पसीने के कारण ही बज रहा है।

धनखड़ ने कहा कि कृषि, ग्रामीण विकास और सरकारी योजनाओं का लाभ किसानों का अधिकार है। उन्होंने किसान युवाओं से कृषि और ग्रामीण विकास के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ रविवार को नागौर के मेड़ता सिटी में स्वर्गीय नाथूराम मिर्धा की प्रतिमा के अनावरण के अवसर पर संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा ‘इजरायल में जो कुछ हो रहा है, हमें उससे आगे जाना चाहिए, कृषि और पशुपालन में दुनिया में जो हो रहा है, उससे आगे जाना चाहिए।’

उन्होंने कहा ‘‘ खेती में जो इजराइल में हो रहा है हम उससे आगे जाना चाहेंगे। दुनिया के किसी भी कौने में खेती विकास में जो कुछ हो रहा है, पशुपालन में जो कुछ हो रहा है हम उससे आगे जायेंगे।’’

उन्होंने ग्रामीण किसान युवाओं में बढ़ती नशाखोरी और क्षणिक सरल लाभ के लिए कानून के उल्लंघन की प्रवृत्ति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए आगाह किया कि कानून के साथ खिलवाड़ करना न सिर्फ उनके लिए मंहगा पड़ेगा बल्कि ग्रामीण किसान समुदाय को भी बदनाम करेगा।

उन्होंने कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं होता, देर सबेर कानून का शिकंजा अवश्य कसेगा।

उन्होंने कहा कि किसान कौम के लिए आरक्षण की लड़ाई कठिन थी जिसमें स्वयं उनका भी योगदान रहा लेकिन आज उसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे हैं।

उपराष्ट्रपति ने कुछ वर्गों द्वारा पुराने ट्रैक्टरों को हटाए जाने का विरोध किए जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि किसानो ने सदैव परिवर्तन को आगे बढ़ कर अपनाया है, हमें चाहिए कि आज दुनिया में जो हो रहा है हम उससे भी आगे बढ़ें।

उन्होंने कहा कि एक अरब 40 करोड को भोजन देने वाली कोम किसान वर्ग यदि भविष्य की नहीं सोचेगा तो कोन सोचेगा।

उन्होंने कहा कि ‘‘नाथूराम मिर्धा अनुसंधान केन्द्र यदि कोई बनेगा तो जितने भाषण उन्होंने संसद में दिये है वो भेजूंगा उनकी अलग से एक पुस्तिका बनाऊंगा ताकि उनके सोच को आपको पता लगे। मिर्धा ने हमेशा अपने समय से आगे सोचा था। ’’ इससे पूर्व उपराष्ट्रपति और उनकी पत्नी डॉ. सुदेश धनखड़ रविवार सुबह राजस्थान की एक दिन की यात्रा पर जयपुर पहुंचे। यहां से उपराष्ट्रपति पुष्कर गए जहां उन्होंने ऐतिहासिक ब्रह्मा मंदिर, श्री जाट शिव मंदिर के दर्शन किए तथा वहां स्वर्गीय नाथूराम मिर्धा की पहल पर बने विश्राम गृह का दौरा किया। इसके बाद उपराष्ट्रपति ने खरनाल स्थित वीरवर तेजा जी मंदिर के दर्शन किए।

शाम को उन्होने मेड़ता सिटी में नाथूराम मिर्धा की अष्टधातु की बनी प्रतिमा का अनावरण किया।

धनखड़ ने कहा कि कभी सोचा भी नहीं था कि मुझ जैसे साधारण व्यक्ति को बाबा नाथूराम मिर्धा जैसे विराट व्यक्तित्व की प्रतिमा का अनावरण करने का अवसर मिलेगा।

उन्होंने कहा कि स्व नाथूराम ने सदैव किसानों के हित की बात की और किसानों को भी उन पर पूरा भरोसा रहा।

कृषि आयोग के अध्यक्ष के रूप में नाथूराम मिर्धा के योगदान को याद करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने सर छोटूराम, किसान केसरी बलदेव मिर्धा और चौधरी चरण सिंह के सपनों को साकार करने का कार्य किया।

इस अवसर की तुलना उपराष्ट्रपति पद की शपथ लेने के अवसर से की।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि वे नाथूराम मिर्धा के स्वप्न को पूरा करने का हरसंभव प्रयास करेंगे। इस अवसर पर राजस्थान सरकार में कृषि मंत्री लालचंद कटारिया, क्षेत्र के पूर्व विधायक रिछपाल मिर्धा तथा नागौर की पूर्व सांसद ज्योति मिर्धा सहित अनेक जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी तथा बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

भाषा कुंज रंजन

रंजन

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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