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Monday, 24 June, 2024
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‘गला काटा, फिर चाकू से वार किया’ – बदायूं दोहरे हत्याकांड में पोस्टमार्टम से क्या पता चला?

6 साल के अहान प्रताप और उसके 13 साल के भाई आयुष की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से पता चला है कि उनकी गर्दन, पेट, हाथ और पैर पर चाकू से वार किया गया था.

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नई दिल्ली: दिप्रिंट को मिली जानकारी के मुताबिक बदायूं में दो बच्चों की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी साजिद ने कथित तौर पर गला काटने से पहले छह साल के अहान प्रताप को नौ बार और उसके 13 वर्षीय भाई आयुष को कम से कम 14 बार चाकू घोंपा था.

बदायूं पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, लड़कों की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से पता चला है कि उनकी गर्दन, पेट, हाथ और पैर पर चाकू से वार किया गया था.

एक सूत्र के मुताबिक, “उनके ऊपर पहले गर्दन पर हमला किया गया और फिर उन दोनों की छाती, पीठ, हाथ और पैरों पर कई बार वार किया गया.”

लेकिन 19 मार्च की शाम उत्तर प्रदेश के बदायूं में हुए खौफनाक दोहरे हत्याकांड को लेकर कई सवाल बने हुए हैं.

पुलिस को शक है कि मुख्य आरोपी साजिद ने चाकू से लड़कों का गला रेत दिया. फिर उसने उनके आठ साल के भाई पीयूष को भी पकड़ने की कोशिश की, जो नीचे भागने में कामयाब रहा और परिवार को चौकन्ना कर दिया.

एफआईआर में कहा गया है कि साजिद मंगलवार शाम करीब 6:35 बजे लड़कों के पिता विनोद कुमार के घर पहुंचा और चूंकि परिवार एक-दूसरे को पहले से जानते थे इसलिए उसने अपनी ‘गर्भवती’ पत्नी की डिलीवरी के नाम पर 5,000 रुपये मांगे. साजिद का भाई जावेद उस वक्त घर के बाहर इंतजार कर रहा था. मां संगीता देवी ने कहा कि वह रसोई में साजिद के लिए चाय बना रही थी जब वह अहान और आयुष को छत पर ले गया जहां उसने उन पर चाकू से हमला कर दिया.

पुलिस सूत्रों ने कहा कि अब तक की जांच से पता चलता है कि साजिद ने सबसे पहले आयुष पर हमला किया जो उसे पानी देने के लिए छत पर गया था. अपराध स्थल से भागने से पहले वह फिर अहान और बाद में पीयूष की ओर मुड़ा.

हत्या की घटना को अंजाम देने के करीब तीन घंटे बाद बदायूं के शेखूपुरा इलाके में पुलिस मुठभेड़ में साजिद मारा गया. पुलिस ने कहा कि सैलून चलाने वाले साजिद ने उसे पकड़ने की कोशिश करने वाली पुलिस टीम पर गोली चलाने के लिए एक देशी पिस्तौल का इस्तेमाल किया.

मामले में सह-आरोपी जावेद ने गुरुवार रात बरेली में पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया और फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है. एक वीडियो जो तब से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, उसमें जावेद को अपनी बेगुनाही का दावा करते हुए और यह कहते हुए सुना जा सकता है कि साजिद ने जो किया उसके बारे में फोन पर पता लगने के बाद वह बदायूं से दिल्ली भाग गया और फिर बरेली में आत्मसमर्पण कर दिया.

पुलिस सूत्रों ने कहा कि जावेद ने पूछताछ के दौरान कई दावे किए जिनकी पुष्टि की जा रही है, हत्या का मकसद स्पष्ट नहीं है.

पुलिस ने शुरू में कहा था कि हत्याएं साजिद और विनोद कुमार के परिवार के बीच व्यक्तिगत दुश्मनी के कारण हुईं. लेकिन विनोद कुमार और उनकी पत्नी ने इस बात से इनकार किया है कि उनके और आरोपियों के बीच किसी तरह का कोई मनमुटाव भी था.

(इस खबर को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.)


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