बेंगलुरु/उडुपी, 11 अप्रैल (भाषा) सांप्रदायिक मुद्दों में वृद्धि के बीच, कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने सोमवार को कहा कि उनके प्रशासन ने एक स्पष्ट संदेश दिया है कि कानून को अपने हाथ में लेकर हिंसा का रास्ता अपनाने वालों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बोम्मई ने पिछली कांग्रेस सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस ने अतीत में उन लोगों के विरुद्ध दर्ज मामले वापस लिए जो सीधे तौर पर हत्या के मामलों में शामिल संगठनों से जुड़े थे और इन हत्याओं के कारण सांप्रदायिक घटनाएं हुईं। हाल में हुई सांप्रदायिक प्रकृति की घटनाओं पर मुख्यमंत्री की “चुप्पी” पर उठे सवाल के जवाब में बोम्मई ने कहा, “मेरा काम बोल रहा है, हमारा (सरकार का) काम बोल रहा है। हमें नहीं बोलना चाहिए, हमारा काम बोलना चाहिए। किस स्थिति में, कौन सा निर्णय लिया जाना चाहिए, किस कार्रवाई की जरूरत है, हम वह कर रहे हैं, हमें उनसे सीखने की जरूरत नहीं है।”
मुख्यमंत्री ने उडुपी में कहा, “जब वे (कांग्रेस) सत्ता में थे तब सरकार के स्तर पर उन्होंने ऐसे लोगों पर दर्ज मामले वापस लिए जो ऐसे संगठनों से जुड़े थे जो हत्या के कई मामलों में सीधे तौर पर आरोपी थे। उनकी कर्तव्य की भावना तब कहां थी? हमें उनसे सीखने की जरूरत नहीं है। हमें पता है कि राज्य में शांति और व्यवस्था कैसे कायम रखनी है।”
बोम्मई ने कहा कि सिद्धरमैया के मुख्यमंत्री रहते कई हिन्दू युवकों की हत्या हुई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की तत्कालीन सरकार ने उनमें शामिल संगठनों के विरुद्ध दर्ज मामले वापस ले लिए थे। यह पूछे जाने पर कि क्या ऐसे संगठनों पर अब प्रतिबंध लग जाएगा, बोम्मई ने कहा कि यह आने वाले दिनों में पता चल जाएगा।
भाषा यश उमा
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