पूर्व मेदिनीपुर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को नंदकुमार में विजय संकल्प रैली के दौरान बड़ा बयान देते हुए कहा कि “जो लोग वंदे मातरम का विरोध करते हैं, उन्हें देश छोड़ देना चाहिए.”
रैली को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने पश्चिम बंगाल की टीएमसी सरकार पर शासन, कानून-व्यवस्था और “तुष्टिकरण की राजनीति” को लेकर तीखा हमला बोला.
उन्होंने कहा कि वह उत्तर प्रदेश की उस भूमि से आए हैं, जो भगवान राम, महादेव और कृष्ण से जुड़ी है, और अब वे पश्चिम बंगाल की उस धरती पर हैं, जिसका राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रगान से गहरा संबंध है.
योगी आदित्यनाथ ने पश्चिम बंगाल की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्ता का जिक्र करते हुए इसे देश के लिए प्रेरणादायी बताया.
उन्होंने स्वामी विवेकानंद, खुदीराम बोस, सुभाष चंद्र बोस और श्यामा प्रसाद मुखर्जी जैसे महान शख्सियतों को याद किया और कहा कि उनकी विरासत आज भी देश को प्रेरित करती है.
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचारों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “एक देश में दो विधान नहीं हो सकते और यह सपना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरा हुआ है.”
उन्होंने अनुच्छेद 370 हटाने का भी उल्लेख किया और इसे लंबे समय से लंबित वैचारिक लक्ष्य बताया.
टीएमसी पर हमला जारी रखते हुए योगी ने आरोप लगाया कि बंगाल में शासन व्यवस्था कमजोर हुई है और राजनीतिक हिंसा बढ़ी है. उन्होंने कहा, “यह भूमि जहां रवींद्रनाथ टैगोर जैसे महान लोग हुए, आज टीएमसी ने इसे ध्रुवीकरण और अत्याचार की भूमि बना दिया है.”
उन्होंने घुसपैठ का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि टीएमसी सरकार वोट बैंक की राजनीति के लिए सीमा पर बाड़बंदी नहीं होने दे रही है.
योगी आदित्यनाथ ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज की घटना का भी जिक्र किया और राज्य सरकार पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, “ममता दीदी इस घटना पर चुप रहीं क्योंकि इसमें कहीं न कहीं टीएमसी के गुंडों का हाथ था.”
