scorecardresearch
Tuesday, 27 January, 2026
होमदेशउत्तराखंड के मूल अस्तित्व से कोई समझौता नहीं, चाहे ‘घृणा भाषण’ करने वाला ही क्यों न माना जाए: धामी

उत्तराखंड के मूल अस्तित्व से कोई समझौता नहीं, चाहे ‘घृणा भाषण’ करने वाला ही क्यों न माना जाए: धामी

Text Size:

देहरादून, 27 जनवरी (भाषा) उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को जोर देकर कहा कि वह राज्य के मूल अस्तित्व और देवत्व के साथ कोई समझौता नहीं करेंगे चाहे उन्हें ‘नफरती भाषण’ देने वाला ही क्यों न माना जाए।

समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू होने की पहली वर्षगांठ के मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अमेरिका के एक गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) ने नफरती भाषण देने वालों की सूची में उनका नाम पहले नंबर पर शामिल किया है। यूसीसी की वर्षगांठ ‘यूसीसी दिवस’ के रूप में मनाई जा रही है।

उन्होंने कहा कि वह इस एनजीओ के बारे में अच्छी तरह से नहीं जानते और ऐसा देखकर बहुत आश्चर्यचकित हुए क्योंकि उन्होंने कभी किसी से ‘नफरत’ नहीं की ।

मुख्यमंत्री ने कहा,‘‘ पता चला कि जबरन धर्मांतरण नहीं होने देने, दंगा रोकने का कानून बनाने, लैंड जिहाद, लव जिहाद, थूक जिहाद के खिलाफ बोलने, अतिक्रमण हटाने, प्रदेश के मूल अस्तित्व और देवत्व को समाप्त नहीं होने देने, प्रदेश की जनसांख्यिकी को नुकसान नहीं होने देने, सांस्कृतिक मूल्यों को संरक्षित रखने की उनकी बातों को एनजीओ ने ‘हेट स्पीच’ माना है।’’

धामी ने कहा, ‘‘हम अपने बच्चों को किसी भी कीमत पर असुरक्षित उत्तराखंड नहीं देना चाहते । उन्हें कोई भय या संदेह नहीं देना चाहते । हम विरासत में उन्हें सुरक्षित उत्तराखंड देना चाहते हैं । हम उन्हें खतरों का उत्तराखंड नहीं देंगे।’’

उन्होंने कहा कि यह उनका, पूरे प्रदेश का तथा दुनिया में देवभूमि को जानने वाले एवं सनातन को मानने वाले सभी लोगों का संकल्प है ।

भाषा दीप्ति शोभना

शोभना

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments