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Saturday, 10 January, 2026
होमदेशविपक्ष की एकता का कोई विकल्प नहीं : उद्धव ; मोदी पर शिवसेना को तोड़ने का आरोप लगाया

विपक्ष की एकता का कोई विकल्प नहीं : उद्धव ; मोदी पर शिवसेना को तोड़ने का आरोप लगाया

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(प्रशांत रांगणेकर)

मुंबई, आठ जनवरी (भाषा) शिवसेना (उबाठा) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने बृहस्पतिवार को कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस और क्षेत्रीय विपक्षी दलों की एकता का कोई विकल्प नहीं है तथा उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर उनकी पार्टी को ‘‘तोड़ने’’ का आरोप लगाया।

महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री ठाकरे ने 15 जनवरी को होने वाले बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव से पहले ‘पीटीआई वीडियो’ को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि भाजपा की नीति ‘इस्तेमाल करो और फेंक दो’ रही है और इसने एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को ‘डोरमैट’ बना दिया है।

उद्धव ने कहा कि उनके चचेरे भाई, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे, और वह अब कभी अलग नहीं होंगे क्योंकि कई वर्षों बाद वे फिर से एक साथ आए हैं।

यह पूछे जाने पर कि क्या ‘इंडिया’ गठबंधन अभी भी मौजूद है, उद्धव ने कहा, ‘‘थोड़ी छानबीन करके पता लगाइए कि ‘इंडिया’ गठबंधन है या नहीं। यह सच है कि संसदीय चुनावों के बाद हम राहुल जी (राहुल गांधी) के आवास पर केवल एक बार मिले हैं।’’

ठाकरे ने कहा कि कांग्रेस ने एकतरफा घोषणा कर दी है कि वह नगर निगम चुनावों के लिए शिवसेना (उबाठा) के साथ गठबंधन चाहती है, लेकिन शिवसेना (उबाठा) के साथ गठजोड़ में शामिल अन्य दलों (मनसे) के साथ नहीं।

उन्होंने कहा, ‘‘(शरद) पवार साहब (राकांपा-एसपी) बीएमसी चुनावों में हमारे साथ हैं। कांग्रेस हमारे साथ नहीं है। राष्ट्रीय स्तर पर हम चाहते हैं कि सभी दल एकजुट हों। हम, अन्य क्षेत्रीय दल और कांग्रेस, सभी को साथ होना चाहिए। एकजुट होने का प्रयास करना चाहिए। मुझे इसके अलावा कोई दूसरा विकल्प नजर नहीं आता।’’

महाराष्ट्र में विपक्षी महा विकास आघाडी की एक महत्वपूर्ण सहयोगी कांग्रेस ने शिवसेना (उबाठा) के मनसे के साथ गठबंधन का हवाला देते हुए बीएमसी चुनावों में अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया।

जब ठाकरे से पूछा गया कि क्या भविष्य में मनसे ‘इंडिया’ गठबंधन का हिस्सा बनेगी, तो उन्होंने कहा, ‘‘फिलहाल, शिवसेना (उबाठा) और मनसे एक साथ आए हैं। जो भी आना चाहे, आ सकता है। यह उनकी इच्छा है। हम उनसे नहीं पूछेंगे कि वे आना चाहते हैं या नहीं।’’

भाजपा के साथ अपने तल्ख संबंधों के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘मुझे दुख और गुस्सा है कि मैंने 2014 और 2019 में नरेन्द्र मोदी के लिए प्रचार किया। दो बार उनकी मदद करने के बावजूद, उन्होंने मेरी पार्टी को तोड़ दिया।’’

ठाकरे ने कहा, ‘‘मैं (तब) कह रहा था कि उन्हें प्रधानमंत्री बनाया जाना चाहिए। अब वे कह रहे हैं कि मुझे खत्म कर देना चाहिए।”

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मुंबई को महाराष्ट्र से अलग करना भाजपा का ‘‘पुराना सपना’’ है।

उन्होंने कहा, ‘‘अब उन्हें लगता है कि (उद्धव के पिता और शिवसेना संस्थापक) बालासाहेब ठाकरे नहीं हैं और उन्होंने कागजों पर शिवसेना को खत्म कर दिया है। लेकिन वे इसे जमीनी स्तर पर खत्म नहीं कर सकते।’’

उद्धव ठाकरे ने कहा कि भाजपा की प्रवृत्ति अपने सहयोगियों का इस्तेमाल करने और फिर उन्हें दरकिनार करने की है।

ठाकरे ने कहा, ‘‘भाजपा की प्रवृत्ति ‘इस्तेमाल करो और फेंक दो’ की है। अटल जी (अटल बिहारी वाजपेयी) के समय में यह बुरी प्रवृत्ति नहीं थी।

अपने चचेरे भाई राज ठाकरे के साथ सुलह के बारे में उद्धव ने कहा कि वह ‘‘काफी सोच-विचार और आपसी सहमति’’ के बाद एक साथ आए हैं।

उन्होंने जोर देकर कहा, ‘‘अब हम कभी अलग नहीं होंगे।’’

भाषा सुभाष पवनेश

पवनेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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