ठाणे, पांच मार्च (भाषा) ठाणे स्थित मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) ने आठ साल से अधिक समय पहले एक सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले व्यक्ति के परिजन को 46.55 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया।
न्यायाधिकरण ने अपने आदेश में बीमा कंपनी को पहले राशि का भुगतान करने और फिर घातक दुर्घटना के लिए जिम्मेदार वाहन के मालिक से इसे वसूलने का निर्देश दिया।
यह आदेश 26 फरवरी को जारी किया गया, जिसकी एक प्रति बुधवार को उपलब्ध कराई गई।
प्रमोद नामदेव नाइक (35) पालघर जिले में एक जीप में यात्रा कर रहे थे और उनके वाहन को तेज रफ्तार से चलाए जा रहे एक ट्रक ने टक्कर मार दी।
पालघर जिले से संबंधित एमएसीटी मामलों की सुनवाई पड़ोसी जिले ठाणे में होती है।
न्यायाधिकरण के अध्यक्ष आर. वी. मोहिते ने माना कि दुर्घटना के समय ट्रक चालक के पास वैध ‘ड्राइविंग लाइसेंस’ भी नहीं था। न्यायाधिकरण ने फैसला सुनाया, ‘‘यह दुर्घटना ट्रक चालक की घोर लापरवाही के कारण हुई।’’
नाइक की उस समय रही 20,489 रुपये की मासिक आय को ध्यान में रखते हुए, न्यायाधिकरण ने याचिका की तारीख से लेकर राशि जमा होने तक नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ 46.55 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया।
अंतिम आदेश के अनुसार, नाइक की पत्नी को 20.55 लाख रुपये, उनके नाबालिग बेटे को 16 लाख रुपये और उनके माता-पिता दोनों को पांच-पांच लाख रुपये दिए जाएंगे।
भाषा
यासिर वैभव
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