scorecardresearch
Thursday, 19 February, 2026
होमदेशCAA की वैधता पर सुप्रीम कोर्ट 5 मई से करेगा अंतिम सुनवाई

CAA की वैधता पर सुप्रीम कोर्ट 5 मई से करेगा अंतिम सुनवाई

यह कानून 12 दिसंबर 2019 को अधिसूचित हुआ था और 10 जनवरी 2020 से लागू हुआ.

Text Size:

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA), 2019 की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर अंतिम सुनवाई का शेड्यूल तय कर दिया. इन याचिकाओं पर अंतिम सुनवाई 5 मई 2026 से शुरू होगी.

याचिकाकर्ताओं की दलीलें 5 मई को और 6 मई को आधे दिन तक सुनी जाएंगी. इसके बाद कानून का समर्थन कर रही केंद्र सरकार 6 मई के बाकी आधे दिन और 7 मई को अपने तर्क पेश करेगी.

याचिकाओं में कहा गया है कि यह कानून छह धार्मिक अल्पसंख्यक समुदायों—हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई—पर लागू होता है, जबकि बांग्लादेश के रोहिंग्या और पाकिस्तान के अहमदिया जैसे अन्य कथित उत्पीड़ित अल्पसंख्यकों को इसमें शामिल नहीं किया गया है.

बेंच ने यह भी संकेत दिया कि असम और त्रिपुरा से जुड़े विशेष मुद्दों पर अलग से सुनवाई मुख्य मामलों की सुनवाई पूरी होने के बाद की जाएगी. पूरी सुनवाई 12 मई तक खत्म होने की उम्मीद है.

कोर्ट ने कहा कि पक्षकार चार सप्ताह के भीतर लिखित दलीलों के साथ जरूरी दस्तावेज रिकॉर्ड में दाखिल कर सकते हैं, लेकिन पहले से दाखिल लिखित दलीलों पर कोई नई याचिका दाखिल नहीं की जा सकेगी.

नागरिकता संशोधन अधिनियम, 2019 का उद्देश्य अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से धार्मिक उत्पीड़न के कारण 31 दिसंबर 2014 तक भारत आए इन छह समुदायों के लोगों को भारतीय नागरिकता देने की प्रक्रिया को तेज करना है.

यह कानून 12 दिसंबर 2019 को अधिसूचित हुआ था और 10 जनवरी 2020 से लागू हुआ.

इससे पहले 19 मार्च 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने CAA नियमों पर तुरंत रोक लगाने से इनकार कर दिया था. याचिकाकर्ताओं ने कहा था कि अगर सुनवाई के दौरान नागरिकता दे दी गई तो प्रक्रिया को वापस नहीं लिया जा सकेगा. वहीं सॉलिसिटर जनरल ने जवाब दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय मांगा था.

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने लिखित दलीलों के लिए सख्त समयसीमा तय की थी और दोनों पक्षों को सुनवाई तेज करने के लिए पांच-पांच पेज का सार देने को कहा था.

share & View comments