scorecardresearch
Wednesday, 7 January, 2026
होमदेशनई दिल्ली में AQI पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, CAQM को फटकार; बड़े प्रदूषकों की पहचान के आदेश

नई दिल्ली में AQI पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, CAQM को फटकार; बड़े प्रदूषकों की पहचान के आदेश

अदालत के अनुसार, यह प्रक्रिया ज्यादा समय लेने वाली नहीं है और उपलब्ध आंकड़ों के समन्वय से ठोस निष्कर्ष निकाले जा सकते हैं.

Text Size:

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को दिल्ली-एनसीआर में बिगड़ती वायु गुणवत्ता (AQI) को लेकर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट कमीशन (CAQM) की कड़ी आलोचना की. अदालत ने कहा कि CAQM न तो AQI बिगड़ने के ठोस कारण स्पष्ट कर पाया है और न ही इसके लिए कोई दीर्घकालिक समाधान पेश कर सका है.

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने कहा कि CAQM ने कोर्ट और एमिकस क्यूरी द्वारा उठाए गए अहम मुद्दों पर लगभग चुप्पी साध रखी है और केवल एक स्टेटस नोट दाखिल किया गया है, जिसमें अधिकांश सवालों का जवाब नहीं है. अदालत ने स्पष्ट किया कि ऐसे हालात में उसे सख्त निर्देश देने पड़ रहे हैं.

कोर्ट ने कहा कि CAQM एक विशेषज्ञ निकाय है, जिसकी जिम्मेदारी है कि वह IIT, TERI जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों को एक मंच पर लाकर AQI बिगड़ने के वास्तविक कारणों पर साझा समझ बनाए. अदालत के अनुसार, यह प्रक्रिया ज्यादा समय लेने वाली नहीं है और उपलब्ध आंकड़ों के समन्वय से ठोस निष्कर्ष निकाले जा सकते हैं.

पीठ ने यह भी कहा कि AQI बिगड़ने के कारणों को नागरिक-केंद्रित दृष्टिकोण के साथ सार्वजनिक किया जाना चाहिए, ताकि लोग जागरूक हों और सुझाव दे सकें. कई कारण ऐसे हैं, जिनमें नागरिकों की भूमिका भी होती है, और जन-जागरूकता कार्यक्रमों से इन्हें कम किया जा सकता है.

सुनवाई के दौरान CAQM की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने स्टेटस रिपोर्ट पेश की. रिपोर्ट में परिवहन, उद्योग, सड़क और निर्माण जैसे उत्सर्जन क्षेत्रों को प्रदूषण का कारण बताया गया, लेकिन विभिन्न विशेषज्ञों के बीच योगदान को लेकर मतभेद भी सामने आए. उदाहरण के तौर पर, वाहन प्रदूषण का योगदान 12% से 41% तक आंका गया है.

कोर्ट ने यह भी नोट किया कि CAQM द्वारा जारी 95 निर्देशों के बावजूद एनसीआर में AQI की स्थिति जस की तस है या और खराब हुई है. अदालत ने दिल्ली-एनसीआर में एमसीडी के टोल प्लाजा को अस्थायी रूप से बंद करने के प्रस्ताव पर भी नाराजगी जताई और कहा कि एमसीडी ने समस्या के समाधान के बजाय राजस्व का तर्क देकर टोल जारी रखने की दलील दी है.

सभी पहलुओं पर विचार करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने CAQM को निर्देश दिया कि वह दो सप्ताह के भीतर विशेषज्ञों की बैठक बुलाए, AQI बिगड़ने के प्रमुख कारणों की पहचान करे और दीर्घकालिक समाधान तैयार करे. साथ ही, टोल प्लाजा जैसे मुद्दों का स्वतंत्र आकलन कर अगली सुनवाई से पहले विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करे.

share & View comments