भोपाल, 23 दिसंबर (भाषा) मध्यप्रदेश भारतीय जनता पार्टी ने शुक्रवार को विधानसभा में कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी के इस आरोप का खंडन किया कि राज्य के जनसंपर्क विभाग ने सत्ताधारी पार्टी के पदाधिकारियों के लिए ‘‘90 दफा’’ भोजन की व्यवस्था की।
प्रदेश के गृह मंत्री और प्रदेश सरकार के प्रवक्ता नरोत्तम मिश्रा तथा प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वी डी शर्मा ने पटवारी के आरोपों को पूरी तरह झूठा करार दिया और कहा कि भाजपा विधायक इस मामले में आवश्यक कार्रवाई के लिये विधानसभा की प्रश्न और संदर्भ समिति के जरिए विधानसभा अध्यक्ष को शिकायत करेंगे।
प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान बृहस्पतिवार को जब विधानसभा में कांग्रेस के अविश्वास प्रस्ताव का जवाब दे रहे थे तब पटवारी ने सदन में कहा, ‘‘मैं ये पटल पर रखना चाहता हूं। जिसमें मुझे आपके जनसंपर्क विभाग से भाजपा का 90 बार भोजन कार्यालय में हुआ, भाजपा कार्यालय ही लिखा हुआ है। अधिकारियों के साइन से दिया हुआ है। अगर यह नकली हो तो मेरी सदस्यता निरस्त की जाए लेकिन यदि यह सही है तो इसमें शामिल अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।’’
पटवारी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री चौहान ने कहा था, ‘आप सदन को गुमराह कर रहे हैं। मैं पूरी जिम्मेदारी के साथ कह सकता हूं कि भाजपा कार्यकर्ताओं को भोजन परोसने में सरकार का एक पैसा भी खर्च नहीं हुआ।’’
इस पर पटवारी ने पीछे हटने से इंकार कर दिया, वहीं चौहान भी विपक्ष के हंगामे के बीच अपना पक्ष रखते रहे।
शुक्रवार को संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रदेश के गृह मंत्री मिश्रा ने पटवारी के बयान को ‘‘बड़ा झूठ’’ करार दिया ।
मिश्रा ने कहा, ‘‘उन्होंने (पटवारी) ने केवल पृष्ठ अ लहराया। पृष्ठ ब पर यह स्पष्ट रुप से उल्लेख किया गया है कि भुगतान (भोजन के लिए) भाजपा कार्यालय द्वारा किया गया। यह (सवाल और उत्तर) तब लिखा गया था जब पटवारी मंत्री थे (प्रदेश में कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार में)।’’
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘पटवारी ने भाजपा को बदनाम करने के लिए अपनी सरकार (उस समय की) के समय के इस सवाल और जवाब की व्यवस्था की।’’
मिश्रा ने कहा कि उस समय यह सवाल जवाब तत्कालीन कांग्रेस सरकार के कथित तौर पर 131 करोड़ रुपये के जनसंपर्क घोटाले से लोगों का ध्यान हटाने की एक चाल थी, जब कमलनाथ मुख्यमंत्री थे।
मिश्रा ने कहा, ‘‘यह भाजपा सरकार को बदनाम करने की साजिश है। इसमें कोई तर्क नहीं है। जनसंपर्क और सामान्य प्रशासन विभागों ने इन सवालों के जवाब में निरंक (शून्य) लिखा है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया है कि कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है।’’
उन्होंने कहा कि ये खाने के बिल होटल पलाश (मप्र पर्यटन विभाग का एक होटल) के हैं, जहां सरकार और विभिन्न दलों के कार्यक्रम होते हैं, इन बिलों में (आयोजकों) नाम का उल्लेख किया जाता है।
मिश्रा ने यह कहकर पटवारी का मजाक उड़ाया कि कुछ लोगों ने कमलनाथ और नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह की अनुपस्थिति में पार्टी में अपना कद बढ़ाने के लिए विधानसभा में इस गैर मुद्दे को उठाया और एक तरह से बिना चालक व परिचालक वाली अपनी ही बस को गड्डे में उतार दिया।
एक अलग पत्रकार वार्ता में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा कि पटवारी ने जानबूझकर एक दस्तावेज का सिर्फ एक हिस्सा दिखाकर विधानसभा को गुमराह किया और इस तथ्य को छुपाया कि सत्ता पक्ष ने इन बिलों का भुगतान किया है।
शर्मा ने कहा, ‘‘ भाजपा पटवारी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगी।’’
इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रदेश कांग्रेस के मीडिया विभाग के अध्यक्ष के के मिश्रा ने कहा, ‘‘पटवारी एक गंभीर राजनेता हैं और उन्होंने दस्तावेजों को लहराते हुए सरकार पर आरोप लगाए हैं। वह झूठे कागजात दिखाने के परिणामों से पूरी तरह वाकिफ हैं। भाजपा को हाय-तौबा करने के बजाय आरोपों के जवाब देना चाहिए।’’
भाजपा के जवाबी हमले पर पटवारी की टिप्पणी के लिए उनसे संपर्क करने के सभी प्रयास व्यर्थ रहे। भाषा दिमो रंजन
रंजन
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