नयी दिल्ली, आठ फरवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में नौवीं मंजिल के फ्लैट से कूदकर जान देने वाली तीन नाबालिग बहनों के नाना ने कथित तौर पर लड़कियों की लत बने ‘कोरियाई गेम’ पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है।
मृत बहनों के नाना ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि यदि ऐसे गेम पर रोक लगाई जाती है तो भविष्य में अन्य बच्चों को इस तरह का कदम उठाने से रोका जा सकता है।
तीनों बहनों के नाना उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सीलमपुर निवासी दिलीप ने कहा, ‘मैं हाथ जोड़कर सरकार से अपील करता हूं कि ऐसे गेम पर प्रतिबंध लगाया जाए, ताकि आगे इस तरह की घटना न हों।’
प्रारंभिक जांच में हालांकि, यह सामने नहीं आया है कि लड़कियां किसी कोरियाई ऐप का इस्तेमाल कर रही थीं लेकिन उनके कमरे से बरामद नौ पन्नों की एक पॉकेट डायरी ने उनके मनोभावों की झलक दी है।
लड़कियों ने अपनी डायरी में कोरियाई संस्कृति के प्रति उनका गहरा लगाव और पारिवारिक कलह को लेकर उनकी पीड़ा की बात दर्ज की है।
पुलिस के अनुसार, डायरी से यह भी पता चलता है कि 16 वर्षीय निशिका, 14 वर्षीय प्राची और 12 वर्षीय पाखी एक बड़े परिवार में रह रही थीं जो भारी कर्ज से जूझ रहा था। इस कारण वे अकेलेपन और तनाव का सामना कर रही थीं।
तीनों बहनों द्वारा बहुमंजिला इमारत की नौवीं मंजिल से कूदकर जान देने के बाद उनके पिता चेतन कुमार ने दावा किया था कि वे करीब तीन साल से एक कोरियाई गेम खेल रही थीं और इसी कारण उन्होंने स्कूल जाना भी छोड़ दिया था।
इस घटना के बाद रविवार को शहर के विभिन्न हिस्सों में ऑनलाइन गेम और बच्चों पर उनके बढ़ते प्रभाव के खिलाफ कई लोगों ने प्रदर्शन किया।
पश्चिमी दिल्ली के सुभाष नगर में हुए प्रदर्शन में प्रदर्शनकारियों ने 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए ऐसे गेम तक पहुंच पर रोक लगाने की मांग की।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे नेशनल अकाली दल के अध्यक्ष परमजीत सिंह पम्मा ने कहा कि सरकार को बच्चों को ‘ऑनलाइन गेमिंग’ के खतरों से बचाने के लिए सख्त कानून लाना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘ये ऑनलाइन गेम बच्चों का भविष्य बर्बाद कर रहे हैं और उन्हें आत्महत्या के लिए मजबूर कर रहे हैं।’
पम्मा ने सरकार से ऐसे ऐप की कड़ी निगरानी करने और उन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की।
उन्होंने यह भी कहा कि इन गेम्स में एक ‘रिस्ट्रिक्शन मोड’ होना चाहिए, ताकि माता-पिता की अनुमति के बिना बच्चों की इन तक पहुंच न हो सके।
भाषा राखी प्रशांत
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