नयी दिल्ली, 26 फरवरी (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को केंद्र और अन्य पक्षों को थानों में केंद्रीकृत डैशबोर्ड और एक मानक सीसीटीवी बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए बैठक में भाग लेने का निर्देश दिया।
न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ दवे की दलीलों के बाद यह आदेश दिया।
न्यायमित्र के रूप में पेश हुए दवे ने न्यायालय को बताया कि 29 जनवरी के एक आदेश के अनुसार 21 फरवरी को एक बैठक आयोजित की गई थी लेकिन केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार और कुछ अन्य राज्यों ने इसमें भाग नहीं लिया, इसी कारण वे अपेक्षित रिपोर्ट दाखिल नहीं कर सके।
इस दलील पर गौर करते हुए न्यायालय ने आदेश दिया, ‘‘भारत संघ की ओर से पेश हुए वकील पहले ही इस संबंध में माफी मांग चुके हैं कि संचार में कुछ गड़बड़ी के कारण वह बैठक में शामिल नहीं हो सके। हालांकि, उन्होंने हमें आश्वासन दिया है कि अगली बैठक में वे पूरा सहयोग देंगे।’’
पीठ ने कहा, ‘‘न्याय मित्र ने बैठक के लिए 14 मार्च, 2026 की तारीख सुझाई है। बैठक पहले दिए गए निर्देशानुसार 14 मार्च, 2026 को आयोजित की जाए।’’
मामले में अब सुनवाई 23 मार्च को होगी।
शीर्ष अदालत ने इससे पहले एक मीडिया रिपोर्ट का संज्ञान लेते हुए थानों में चालू हालत वाले सीसीटीवी कैमरों की कमी पर स्वतः संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका दायर करने का निर्देश दिया था।
शीर्ष अदालत ने 2018 में मानवाधिकारों के हनन की जांच के लिए थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने का आदेश दिया था।
भाषा सुरभि संतोष
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